शाह ने पहले महीने में भ्रष्टाचार रोकने के लिए कठोर कदम उठाए और 100 सूत्री शासन सुधार एजेंडा मंजूर किया पहले महीने में दो मंत्रियों के इस्तीफे और विवादों ने सरकार की एकता और निर्णय क्षमता पर सवाल उठाए हैं शाह ने सार्वजनिक रूप से कम संवाद किया, जिससे उनकी चुप्पी और पार्टी के घोटाले मामले पर आलोचना बढ़ी है