राज्यसभा के सभापति ने 'आप' के एक गुट के BJP में विलय को मंजूरी दे दिया है. भाजपा के राज्यसभा सांसदों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है और बहुमत के आंकड़े 123 से केवल एक सीट पीछे रह गई है. वर्ष 1988 के बाद पहली बार कोई दल अकेले दम पर राज्यसभा में बहुमत के करीब पहुंचा है, जिसमें भाजपा अग्रसर है.