मुंबई: मेट्रो कारशेड के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले 4 प्रदर्शनकारियों को 10 घंटे बाद छोड़ा

मुंबई (Mumbai) के आरे वन क्षेत्र में मेट्रो रेल कारशेड (Metro rail carshed) निर्माण का विरोध कर रहे चार सोशल एक्टिविस्ट (Social activist) को पुलिस ने 10 घंटे हिरासत में रखने के बाद छोड़ दिया है.

विज्ञापन
Read Time: 6 mins
आरे वन क्षेत्र में मेट्रो रेल कारशेड निर्माण के विरोध में हिरासत में लिए गये लोगों को रिहा कर दिया गया है.
मुंबई:

मुंबई (Mumbai) के आरे वन क्षेत्र में मेट्रो रेल कारशेड (Metro rail carshed) निर्माण के विरोध में सोमवार को हिरासत में लिए गए चार लोगों को 10 घंटे बाद छोड़ दिया गया. एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (CRPC) की धारा 149 (संज्ञेय अपराध को रोकने के लिए कार्रवाई) के तहत नोटिस जारी किए जाने के बाद सबसे पहले प्रदर्शनकारी तबरेज सैय्यद और जयेश भिसे को हिरासत में लिया गया. अधिकारी ने बताया कि इसके बाद लक्ष्मण जाधव और रोहित नाम के दो अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया.

अधिकारी ने बताया कि शाम को वनराई थाने में समर्थकों की भीड़ के बीच इन चारों को 10 घंटे तक हिरासत में रखने के बाद रिहा कर दिया गया. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में भारी पुलिस बल की उपस्थिति है और लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध है. केवल आसपास के निवासियों को ही आधार कार्ड आदि पहचान पत्र की जांच के बाद प्रवेश की अनुमति है. कारशेड स्थल के आसपास पेड़ों की छंटाई के वीडियो दिन में सोशल मीडिया पर साझा किये गये. वहीं, बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग ने भी अपनी कुछ बसों के मार्ग परिवर्तित कर दिये.

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पिछली महा विकास आघाड़ी सरकार ने पर्यावरण संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए मेट्रो कारशेड का काम रोक दिया था. लेकिन 30 जून को कार्यभार संभालने वाले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सरकार ने काम फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी.

ये भी पढ़ें: 

'आरे' जंगल में पेड़ काटने की तस्‍वीरें आई सामने, 2 एक्टिविस्‍ट को हिरासत में लेने की खबर

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Featured Video Of The Day
India Vs Pakistan | T20 World Cup 2026: भारत ने Handshake न करने की पॉलिसी रखी बरकरार | IND vs PAK
Topics mentioned in this article