- राजस्व खुफिया निदेशालय ने मुर्गी के दाने की खेप में छिपाकर ले जाई जा रही 270 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त की है.
- गिरोह के छह मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया गया, जो कई राज्यों में मादक पदार्थों की सप्लाई में शामिल थे.
- वित्त वर्ष 2025-2026 में छह कारखानों का भंडाफोड़ हुआ, जो मेफेड्रोन, अल्प्राजोलम और मेथम्फेटामाइन बना रहे थे.
राजस्व खुफिया निदेशालय (Directorate of Revenue Intelligence) ने 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत कड़ी कार्यवाही करते हुए कई राज्यों में फैले मादक पदार्थों के गिरोह का एक बड़ा भंडाफोड़ किया है. इस ऑपरेशन के दौरान डीआरआई ने मुर्गी के दाने की खेप में छिपाकर रखी गई 81 करोड़ रुपये मूल्य की रिकॉर्ड 270 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त की है. साथ ही इस गिरोह से जुड़े छह लोगों को गिरफ्तार करने में भी सफलता मिली है.
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारियों ने 11-12 जनवरी, 2026 को कई राज्यों में फैले एक सुनियोजित अभियान में 270 किलोग्राम मेफेड्रोन (एक कृत्रिम मादक पदार्थ) जब्त किया है. प्रतिबंधित पदार्थ को मुर्गी के दाने के नीचे छिपाकर ले जाया जा रहा था. जांचकर्ताओं का मानना है कि इस कार्यवाही के दौरान मादक पदार्थों के गिरोह द्वारा जांच से बचने के लिए अपनाए गए नए तरीके का खुलासा हुआ है.
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इस तरह से डीआरआई ने किया ऑपरेशन
DRI अधिकारियों के मुताबिक, खुफिया जानकारी के आधार पर राजस्थान में एक ट्रक को रोका. देखने से लगता था कि वह कृषि और उससे जुड़ी सामग्री ले जा रहा था. हालांकि जांच में 270 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद हुआ, जिसकी कीमत 81 करोड़ रुपये है.
अधिकारियों ने बताया कि मेफेड्रोन को मुर्गी के दाने की खेप में बड़ी चालाकी से छिपाया गया था. इस ऑपरेशन के तहत वाहन चालक, परिवहन में शामिल गिरोह के सदस्यों और खेप के साथ चल रहे लोगों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया.
हरियाणा में कई जगहों पर तलााशी
पूछताछ से मिली जानकारी के बाद हरियाणा में कई स्थानों पर तलाशी की गई. इस दौरान जब्त किए गए नशीले पदार्थों के निर्माण और आपूर्ति में शामिल गिरोह के अन्य प्रमुख सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया गया. इस ऑपरेशन के दौरान एक ध्वस्त एक मादक पदार्थ निर्माण संयंत्र से कुछ कच्चा माल भी बरामद किया गया.
डीआरआई की इस कार्यवाही से नशीले पदार्थों की जब्ती और गिरोह के छह प्रमुख सदस्यों की गिरफ्तारी से कई राज्यों में सक्रिय एक संगठित मादक पदार्थ के गिरोह का पर्दाफाश हुआ है.
डीआरआई के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-2026 के दौरान छह गुप्त कारखानों का भंडाफोड़ किया गया है, जो अवैध रूप से मेफेड्रोन, अल्प्राजोलम और मेथम्फेटामाइन का निर्माण कर रहे थे.














