- भारत में बीमारियों से होने वाली मौतों में हृदय रोग सबसे प्रमुख कारण है, इससे पुरुषों की मौत अधिक होती है.
- आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार 2021-23 के बीच हृदय रोग से पुरुषों की 32.4 फीसद व महिलाओं की 29.1 फीसद मौतें हुईं.
- सांस के संक्रमण से महिलाओं की मौतें पुरुषों से अधिक हैं, क्रमशः 9.9 प्रतिशत और 8.9 प्रतिशत दर्ज की गईं.
केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार भारत में बीमारियों से होने वाली मौतों में सबसे ऊपर हृदय रोग है. सरकार का कहना है कि 2004-06 के बाद हृदय रोगों से मरने वाले पुरुषों की संख्या महिलाओं से अधिक है. यह जानकारी गुरुवार को संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण में दी गई है. इसके मुताबिक बीमारियों की वजह से महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक होती है. बीमारियों से होने वाली मौतों में हृदय रोग सबसे ऊपर है. वहीं भारत में तेजी से पैर पसार रहे डायबिटीज से होने वाली मौतें हृदय रोग की तुलना में कम हैं. अधिकांश बीमारियों से पुरुषों की मौत महिलाओं की तुलना में अधिक होती है.
हृदय रोग से कितनी महिलाओं की होती है मौत
आर्थिक सर्वे में 2021-23 में सभी आयु वर्ग के लोगों में मौतों के कारणों का विश्लेषण किया गया है. इसके मुताबिक हृदय रोग की वजह से 32.4 फीसदी पुरुषों और 29.1 फीसदी महिलाओं की मौत हुई. वहीं सांस में संक्रमण से की वजह से 8.9 फीसदी पुरुषों और 9.9 फीसदी महिलाओं की मौत हुई. कैंसर की वजह से 6 फीसदी पुरुषों और 6.9 फीसदी महिलाओं की मौत हुई. पाचन संबंधी रोगों से 6.7 फीसदी पुरुषों और 3.2 फीसदी महिलाओं की मौत हुई. वहीं बुखार और अन्य अज्ञात कारणों से 4.1 फीसदी पुरुषों और 6 फीसदी महिलाओं की मौत हुई.
सड़क दुर्घटनाओं में कितनी मौतें होती हैं
इसी तरह से 3.8 फीसदी पुरुषों और 3.6 फीसदी महिलाओं की मौत अनजाने में लगी चोट और सड़क दुर्घटनाओं में हुई. डायबीटीज से 3.1 फीसदी पुरुषों और 4.1 फीसदी महिलाओं की मौत हुई मूत्र संबंधी रोगों से 3.3 फीसदी पुरुषों और 2.6 फीसदी महिलाओं की मौत हुई. वहीं अन्य कारणों से 8.5 फीसदी पुरुषों और 13.4 फीसदी महिलाओं की मौत हुई.
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