- समाजवादी पार्टी के सांसदों ने संसद परिसर में हाथों में आलू लेकर किसानों के हित में अनोखा प्रदर्शन किया.
- प्रदर्शन में सपा सांसदों ने सरकार से किसानों को आलू का उचित मूल्य दिलाने की जोरदार मांग उठाई.
- सपा सांसदों ने तख्तियों पर आलू किसानों की सुध लेने और उनकी दुर्दशा रोकने के नारे लिखे थे.
किसानों की बदहाली और महंगाई के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने संसद परिसर में अनोखा प्रदर्शन किया. सपा सांसदों ने हाथों में आलू लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और किसानों को आलू का उचित मूल्य दिलाने की मांग उठाई. प्रदर्शन में डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव, प्रिया सरोज और इकरा हसन समेत कई सांसद शामिल हुए.
प्रदर्शन के दौरान सपा सांसदों के हाथों में आलू के साथ तख्तियां भी थीं. वे 'सस्ता आलू, महंगा बालू' के नारे लगाते हुए सरकार को घेरते नजर आए. तख्तियों पर लिखा था, 'आलू का उचित मूल्य दिलाओ, किसानों को बचाओ' और 'किसानों को मत सताओ'.
किसानों के समर्थन में सपा का प्रदर्शन
सांसदों ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को आलू का सही दाम दिलाने में पूरी तरह विफल रही है, जिसके कारण आलू उगाने वाले किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. उनका कहना था कि लागत बढ़ती जा रही है, लेकिन बाजार में किसानों को उचित कीमत नहीं मिल रही.
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हाथों में आलू लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे सपा सांसद
प्रदर्शन के दौरान इकरा हसन के हाथ में जो तख्ती थी उस पर लिखा था, 'आलू किसान की सुध ले सरकार, उनका जीवन हो रहा बर्बाद.' वहीं प्रिया सरोज की तख्ती पर लिखा था, 'आलू किसान कर रहे पुकार, उनकी पीड़ा नहीं सुनती सरकार.' इसके अलावा डिंपल यादव के हाथ में भी तख्ती थी, जिस पर लिखा था, 'आलू किसान की सुध ले सरकार, उनका जीवन हो रहा है बर्बाद.'
सपा सांसदों का कहना है कि अगर किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिला तो आलू उत्पादक किसानों की स्थिति और खराब हो जाएगी. पार्टी ने सरकार से मांग की कि आलू की खरीद के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए और किसानों को राहत दी जाए.













