- अजित पवार का चार्टर विमान बारामती में क्रैश-लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होकर पांच लोगों की मौत हुई.
- Learjet 45XR विमान VSR Ventures Pvt. Ltd. द्वारा संचालित था, जिसकी सुरक्षा और मेंटेनेंस पर गंभीर सवाल उठे हैं.
- DGCA ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है.
महाराष्ट्र में बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा हुआ, जब राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का चार्टर विमान बारामती में क्रैश-लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. DGCA की पुष्टि के अनुसार, इस हादसे में कोई भी यात्री जीवित नहीं बचा, और अजित पवार सहित सभी पांच लोगों की मौत हो गई. यह Learjet 45XR विमान VSR Ventures Pvt. Ltd. संचालित कर रही थी. वही कंपनी जिसके एक अन्य Learjet (VT-DBL) का सितंबर 2023 में मुंबई में भी क्रैश हो चुका है. इससे कंपनी की सुरक्षा और मेंटेनेंस प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
विमान हादसे में डिप्टी सीएम का निधन
विमान मुंबई से 7 बजे उड़ान भरने वाला था और 7:40 बजे बारामती लैंडिंग का शेड्यूल था, लेकिन अंतिम अप्रोच पर विमान का संतुलन बिगड़ा और 8:45 बजे रनवे पर भीषण हादसा हो गया. DGCA के शुरुआती इनपुट अब पूरे मामले की विस्तृत जांच की ओर इशारा करते हैं.
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Learjet 45XR एक हाई-परफॉर्मेंस बिजनेस जेट है जो अपने तेज टेकऑफ व उच्च क्षमताओं के लिए जाना जाता है, लेकिन उतनी ही उच्च स्तरीय हैंडलिंग स्किल और तकनीकी सटीकता भी मांगता है.
उधर SC में एयर इंडिया क्रैश का मामला, सुरक्षा पर वही चिंता
अजित पवार के विमान हादसे के कुछ घंटे बाद ही, सुप्रीम कोर्ट में एअर इंडिया क्रैश मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की गई. लेकिन कोर्ट में आज SIR मामले की सुनवाई जारी रहने के कारण एअर इंडिया केस को सूचीबद्ध नहीं किया जा सका.
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कोर्ट में क्या हुआ?
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि सरकार और AIIB की ओर से कोई जवाब नहीं मिला. वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट को बताया कि '787 विमान पूरी तरह असुरक्षित हैं, पायलट लगातार एक आम इलेक्ट्रिकल समस्या की शिकायत कर रहे हैं.'
सुप्रीम कोर्ट में आज इस मामले में सुनवाई नहीं हो सकी है. SC ने कहा कि वह जल्द एक नजदीकी तारीख देगी.
मामला कैप्टन सुमीत सबरवाल (Air India क्रैश में मारे गए पायलट) के पिता पुष्कराज सबरवाल और Federation of Indian Pilots (FIP) की याचिका पर चल रहा है, जिसमें इस हादसे की न्यायिक निगरानी में जांच की मांग की गई है.
ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है, जब देश में जिससे सुरक्षा की अपेक्षा हो, वही उड्डयन तंत्र बार-बार हादसों का कारण बन रहा हो, तो जिम्मेदारी कौन लेगा?
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दो हादसे, एक चिंता: क्या भारत का एविएशन सिस्टेम सुरक्षित है?
अजित पवार के Learjet क्रैश ने कई पुरानी चिंताएं फिर उजागर कर दी हैं. कई सवाल हैं जिनके सवाल एक बार फिर तैर रहे हैं...
- प्राइवेट एयर ऑपरेटरों की सुरक्षा जांच
- एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस के मानक
- DGCA की निगरानी क्षमता
- हादसों के बाद पारदर्शी जांच की कमी
- कई विमान मॉडलों में बार-बार दिख रही तकनीकी खराबियां.
सुप्रीम कोर्ट में एयर इंडिया क्रैश की सुनवाई और इधर बारामती हादसा, दोनों मिलकर एक ही सवाल उठा रहे हैं कि क्या हमारे आसमान सुरक्षित हैं? आखिर कब भारत में हवाई सुरक्षा एक प्राथमिकता बनेगी? फिलहाल DGCA ने दोनों मामलों में अलग-अलग जांच की प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन एविएशन सुरक्षा को लेकर पायलट संगठनों और विशेषज्ञों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं.













