अब इलाज नहीं, बचाव पर फोकस, नए योग प्रोटोकॉल से बदलेगी देश की सेहत की दिशा

अब हेल्थ का फोकस इलाज से हटाकर रोकथाम पर किया जा रहा है. यह पहल भारत को एक हेल्दी और जागरूक समाज बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रही है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने नए योग प्रोटोकॉल जारी किए हैं.

भारत में तेजी से बढ़ती लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों ने हेल्थ सिस्टम के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज और मानसिक समस्याएं आज हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर रही हैं. इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने नए योग प्रोटोकॉल जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य लोगों को बीमार होने से पहले ही हेल्थ बनाए रखना है. प्रतापराव जाधव ने योग महोत्सव 2026 के दौरान इन प्रोटोकॉल को लॉन्च करते हुए कहा कि अब हेल्थ का फोकस इलाज से हटाकर रोकथाम पर किया जा रहा है. यह पहल भारत को एक हेल्दी और जागरूक समाज बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रही है.

ये भी पढ़ें: अंतरिक्ष में शुक्राणु भूल जाते हैं रास्ता! मंगल पर जीवन बसाना आसान नहीं, स्टडी में खुलासा

क्यों जरूरी हैं ये नए योग प्रोटोकॉल? | Why Are These New Yoga Protocols Necessary? 

  • भारत में गैर-संक्रामक रोग (NCDs) तेजी से बढ़ रहे हैं.
  • कुल मौतों में लगभग दो-तिहाई मौतें इन्हीं बीमारियों से होती हैं.
  • खराब खानपान, तनाव और फिजिकल एक्टिविटीज की कमी इसकी मुख्य वजह है.
  • ऐसे में केवल दवाइयों से नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल में बदलाव से ही स्थायी समाधान संभव है.

क्या खास है इन नए प्रोटोकॉल में?

इन योग प्रोटोकॉल को वैज्ञानिक और प्रमाण आधारित तरीके से तैयार किया गया है. इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सहयोगी केंद्र द्वारा विकसित किया गया है. यह एक सिस्टमेटिक ट्रेनिंग सिस्टम के रूप में काम करेगा. आम लोगों के लिए इसे आसान और व्यवहारिक बनाया गया है.

डेली लाइफ में कैसे अपनाएं?

सरकार ने 30 से 60 मिनट के योग सेशन की सलाह दी है. इसमें शामिल हैं:

  • आसन: शरीर को फ्लेक्सिबल और मजबूत बनाने के लिए.
  • प्राणायाम: ब्रीद कंट्रोल से मानसिक शांति के लिए.
  • ध्यान (मेडिटेशन): तनाव कम करने के लिए
  • विश्राम तकनीक: शरीर और मन को बैलेंस रखने के लिए.

इन सभी का कॉम्बिनेशन शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है.

ये भी पढ़ें: बिना दवा लिए कंट्रोल होगा कोलेस्ट्रॉल, बस फॉलो करें ये टिप्स और डाइट प्लान

हेल्थ सिस्टम पर पड़ेगा असर:

  • इन प्रोटोकॉल का एक बड़ा उद्देश्य हेल्थ सर्विसेज पर दबाव कम करना भी है.
  • बीमारियों की रोकथाम से अस्पतालों की भीड़ कम होगी.
  • लोगों का मेडिकल खर्च घटेगा
  • समाज में वेलनेस यानी संपूर्ण स्वास्थ्य की संस्कृति बढ़ेगी.

आम नागरिक के लिए क्या संदेश?

  • सरकार का साफ संदेश है कि हर व्यक्ति अपनी सेहत का जिम्मेदार खुद बने.
  • रोज थोड़ा समय योग को दें.
  • छोटी-छोटी आदतें बदलें.
  • दवा से ज्यादा रूटीन पर ध्यान दें.

नए योग प्रोटोकॉल केवल एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि हेल्दी इंडिया का विजन हैं. अगर हर व्यक्ति इसे अपनाए, तो न सिर्फ बीमारियां कम होंगी बल्कि लाइफ क्वालिटी भी बेहतर होगी.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

Advertisement
Featured Video Of The Day
Iran Israel War BREAKING: ईरान ने सऊदी अरब में अमेरिकी एयरबेस पर हमला! E-3 Sentry AWACS विमान तबाह