एक अध्ययन में दावा किया गया है कि पिता का वंशाणु किसी नवजात को अपनी मां से मिलने वाले प्यार और देखभाल को प्रभावित करता है. ब्रिटेन के कार्डिफ विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने इन परिणामों तक पहुंचने के लिए गर्भावस्था के दौरान गर्भनाल से निकलने वाले हार्मोनल संकेतों का अध्ययन किया. गर्भावस्था के दौरान गर्भनाल, विकसित होते भ्रूण तक पोषक तत्व पहुंचाती है और मां के रक्तप्रवाह को हार्मोनल संकेत देती है जो एक स्वस्थ गर्भावस्था के लिए जरूरी है.
पूरी गर्भावस्था के दौरान बच्चे को पोषण देने के लिए गर्भनाल से मिलने वाले आवश्यक संकेतों को मां के व्यवहार को निर्धारित करने में अहम माना जाता रहा है जो उन्हें परिजन की नई भूमिका के लिए तैयार करता है.
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विकसित होते भ्रूण में पीएचएलडीए वंशाणु की दो प्रतियां होती हैं लेकिन ज्यादातर वंशाणुओं के उलट इसकी केवल एक ही प्रति सक्रिय रहती है. ऐसा जिनोमिक इंप्रिंटिंग नामक उत्पत्तिमूलक तथ्य की वजह से होता है जहां एक परिजन के केवल एक वंशाणु की प्रति सक्रिय होती है जिस कारण बच्चे के प्रति मां का व्यवहार प्रभावित होता है. यह अध्ययन ‘पीएलओएस बायोलॉजी’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.
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