Bhookh Kyu Nahi Lagti Hai: आजकल कई लोगों में भूख न लगने की समस्या आम हो गई है. कभी-कभी इसे हम थकान या व्यस्त दिनचर्या का असर समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन अगर यह परेशानी लगातार बनी रहे तो यह शरीर के लिए खतरनाक संकेत हो सकता है. आयुर्वेद और विज्ञान दोनों मानते हैं कि भूख न लगना शरीर में असंतुलन या किसी परेशानी का संकेत हो सकता है. आयुर्वेद के अनुसार, पाचन शक्ति कमजोर होने पर भोजन में रुचि कम हो जाती है. वहीं, विज्ञान मानता है कि हार्मोनल बदलाव, तनाव या बीमारी के कारण मस्तिष्क और पेट का सिग्नल सही तरीके से काम नहीं कर पाता, जिससे भूख महसूस नहीं होती.
भूख क्यों नहीं लगती है?
भूख न लगने के सबसे आम कारणों में से एक पाचन संबंधी समस्या है. अगर पेट में गैस, एसिडिटी, या कब्ज जैसी दिक्कतें हों तो शरीर खाना कम मांगता है. आयुर्वेद में इसे 'अजीर्ण' के रूप में देखा जाता है, यानी जब पाचन सही ढंग से काम नहीं करता तो खाना खाने की इच्छा कम हो जाती है. पेट में भारीपन या जलन की समस्या भी होती है.
बीमारियां भी भूख न लगने का बड़ा कारण हैं. सर्दी-जुकाम, बुखार, वायरल इंफेक्शन, पेट की सूजन या फूड पॉइजनिंग जैसे हालात शरीर को कमजोर कर देते हैं. इस दौरान शरीर ऊर्जा बचाने की कोशिश करता है और भोजन को पचाने में समय नहीं लगाना चाहता, इसलिए भूख कम हो जाती है.
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तनाव और मानसिक स्थिति का असर भी भूख पर पड़ता है. ज्यादा चिंता, डिप्रेशन, या उदासी हार्मोन को प्रभावित करती है. इस बदलाव की वजह से मस्तिष्क भूख सिग्नल नहीं पेट को भेज पाता. आयुर्वेद इसे 'मन-आहार' के असंतुलन से जोड़ता है. जब मन परेशान होता है, तो शरीर का अग्नि कमजोर हो जाता है और खाने में रुचि कम हो जाती है.
दवाइयों का सेवनकुछ दवाइयां भी भूख को प्रभावित करती हैं. उदाहरण के लिए, एंटीबायोटिक्स, कैंसर की दवाएं, दर्द निवारक और डिप्रेशन की दवाइयां शरीर की प्राकृतिक भूख कम कर सकती हैं. विज्ञान कहता है कि ये दवाइयां पेट और मस्तिष्क के बीच के हार्मोनल सिग्नल को बदल देती हैं, जिससे भूख महसूस नहीं होती.
अगर भूख न लगना कई दिन तक बना रहे, वजन घटने लगे, कमजोरी महसूस हो या शरीर में पोषण की कमी दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














