स्वाद और सेहत का संबंध सिर्फ आहार से ही नहीं बल्कि शुद्ध आहार से भी जुड़ा है. अच्छी सेहत के लिए अच्छे आहार ही नहीं बल्कि उसमें इस्तेमाल होने वाली सही चीजों की पहचान पर भी निर्भर करती है, खासकर मसालों में. आज के समय में प्राचीन पद्धति से पीसे गए मसालों की बजाय मिलावट से भरे मसाले बाजारों में जगह बना चुके हैं. बाज़ार में मिलने वाले मसालों में अक्सर खतरनाक मिलावट होती है, चाहे वो हल्दी में लेड क्रोमेट हो या मिर्च में ईंट का चूरा. ये सभी मसाले स्वास्थ्य के लिए जहर हैं और ऐसे में असली और नकली मसालों की पहचान रखना सभी के लिए जरूरी है.
कैसे करें असली और नकली मसाले की पहचान- (How to identify real and fake spices)
1. धनिया-
पहले बात करते हैं धनिया पाउडर की. इसकी पहचान के लिए कांच के गिलास में पानी लें. पानी में धनिया पाउडर की दो चम्मच डालें और आधे घंटे के लिए छोड़ दें. अगर पाउडर गिलास की तली में बैठ जाता है, तो धनिया पाउडर शुद्ध है, और अगर यह ऊपर तैरता है या पानी के साथ घुलने की कोशिश करता है, तो यह अशुद्ध है.
2. सेंधा नमक-
सेंधा नमक को शुद्धि का प्रतीक माना जाता है और हर घर में सेंधा नमक का इस्तेमाल सदियों से होता आया है, लेकिन आज के समय में इसमें मिलावट की संभावना रहती है. इसके लिए आलू को बीच से काट लें और उस पर सेंधा नमक रख दें. सेंधा नमक पर कुछ बूंदे नींबू की डालें और छोड़ दें. अगर सेंधा नमक असली है तो सेंधा नमक के रंग में कोई बदलाव नहीं होगा, वहीं इसके विपरीत अगर मिलावट है तो आलू काला या नीला पड़ने लगेगा.
3. लाल मिर्च-
लाल मिर्च की पहचान के लिए कांच के गिलास में पानी लें. पानी में लाल मिर्च की दो चम्मच डालें. अगर मिर्च पानी के ऊपर ही तैर रही है तो मिर्च शुद्ध है और वहीं अगर वो पानी में डूब रही है और पानी को लाल कर रही है तो समझ लीजिए की यह अशुद्ध है.
4. काली मिर्च-
काली मिर्च के पाउडर में भी मिलावट की जाने लगी है. इसकी जांच के लिए भी पानी का सहारा ले. एक गिलास पानी में काली मिर्च का पाउडर लें. अगर डूब जाए तो अशुद्ध है और पानी के ऊपर तैरने लगे तो पूर्णता शुद्ध है.
5. हल्दी पाउडर-
हल्दी पाउडर के बिना सब्जी का स्वाद और रंग दोनों ही प्रभावित होते हैं. ऐसे में कांच के गिलास में पानी लेकर हल्दी पाउडर डालें. शुद्ध हल्दी बिना अपना गाढ़ा रंग दिखाए धीरे-धीरे बैठने लगती है, वहीं मिलावटी हल्दी पानी में जाते ही अपना रंग छोड़ देती है और पानी में घुल जाती है.
मसालों का काम सिर्फ स्वाद बढ़ाना ही नहीं, बल्कि सेहत का ध्यान भी रखना है. इसलिए स्वास्थ्य से समझौता न करें.
Fatty Liver: लिवर में फैट जमा होने का कारण क्या है? डॉक्टर ने बताया
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














