विज्ञापन

अष्टमी-नवमी के संयुक्त व्रत में राहुकाल का रखें ध्यान, पंडित जी से जानें पूजा और पारण का समय

Ashatmi-Navami Vrat Paran Muhurat 2026: शारदीय नवरात्रि में 19 अक्टूबर को अष्टमी-नवमी का संयुक्त व्रत रखा जा रहा है. आचार्य मदन मोहन से जानें कन्या पूजन, हवन और व्रत पारण का शुभ मुहूर्त. साथ ही राहुकाल में किन धार्मिक कार्यों से बचना चाहिए.

अष्टमी-नवमी के संयुक्त व्रत में राहुकाल का रखें ध्यान, पंडित जी से जानें पूजा और पारण का समय
नवमी व्रत करने वाले कब करें कन्या पूजन
ndtv

शारदीय नवरात्रि में इस बार तिथियों के घटने-बढ़ने के कारण अष्टमी और नवमी व्रत को लेकर भक्तों के बीच असमंजस की स्थिति है. आज 19 अक्टूबर 2026 दिन सोमवार को महाष्टमी और महानवमी के संयुक्त व्रत का संयोग बना है. ऐसे में मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री की पूजा करने वाले भक्तों के लिए कन्या पूजन, हवन और व्रत पारण का सही समय जानना जरूरी है. आचार्य मदन मोहन के अनुसार, अष्टमी और नवमी व्रत करने वाले भक्तों को तिथि के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान पूरे करने चाहिए. आइए जानते हैं कि आज और कल पूजा-पाठ के लिए कौन-से मुहूर्त रहेंगे और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. इसके अलावा आचार्य ने बताया कि आज 19 अक्टूबर को राहुकाल सुबह 7:50 बजे से 9:16 बजे तक रहेगा. ऐसे में भक्तों को राहुकाल में शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी गई है. 

कब तक रहेगी अष्टमी तिथि

आचार्य मदन मोहन के अनुसार, 19 अक्टूबर को अष्टमी तिथि सुबह 10 बजकर 52 मिनट तक रहेगी. अष्टमी तिथि में मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है. जिन भक्तों ने उदया तिथि के आधार पर अष्टमी का व्रत रखा है. वे कन्या पूजन और हवन जैसे अनुष्ठानों के लिए तिथि और मुहूर्त का ध्यान रखें.

कब करें अष्टमी व्रत का पारण

पंडित जी के अनुसार, अष्टमी व्रत रखने वाले भक्त 20 अक्टूबर को सूर्योदय के बाद व्रत का पारण कर सकते हैं. उस समय नवमी तिथि रहेगी. हालांकि, व्रत पारण की परंपराा और स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में अंतर हो सकता है.

ये भी पढ़ें- Navami Wishes: महानवमी की शुभकामनाएं, WhatsApp स्टेटस, अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश

नवमी व्रत करने वाले कब करें कन्या पूजन

नवमी तिथि में मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. आचार्य के अनुसार, नवमी व्रत रखने वाले भक्त 20 अक्टूबर को भी हवन और कन्या पूजन कर सकते हैं. इस दिन दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से दशमी तिथि शुरू होगी. नवमी से जुड़े अनुष्ठाान इससे पहले पूरे करने चाहिए. नवमी व्रत का पारण दशमी तिथि में कियाा जा सकता है.

हवन और कन्या पूजन के शुभ मुहूर्त

19 अक्टूबर 2026

- अमृत काल: सुबह 8:29 बजे से 10:16 बजे तक

20 अक्टूबर 2026

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:44 बजे से 5:32 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक

आज राहुकाल में न करें पूजा-पाठ

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल में शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जााती है. आचार्य मदन मोहन के अनुसार, आज 19 अक्टूबर को राहुकाल सुबह 7:50 बजे से 9:16 बजे तक रहेगाा. ऐसे में भक्त इस अवधि में हवन और दूसरे मांगलिक अनुष्ठान करने से बच सकते हैं.

ये भी पढ़ें- नवमी पर कन्याओं को क्या दें? जानें कंजक पूजा में कौन-सी चीजें दान करना शुभ होता है

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Ashtami Vrat, Navami
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com