Who is Prahlad Joshi new education minister : NEET-UG पेपर लीक विवाद ने देश के युवाओं में आक्रोश पैदा कर दिया. जिसको लेकर लगभग एक महीने तक सीजेपी और छात्रों का दिल्ली के जंतर-मंतर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन चला. यह आंदोलन सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसकी चिंगारी पूरे देश में फैल गई. यूपी, बिहार से लेकर मुंबई तक छात्र सड़कों पर उतर आए. आखिरकार 1 महीने तक चला संघर्ष रंग लाया और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा. शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद वरिष्ठ भाजपा नेता प्रह्लाद जोशी को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
ऐसे में लोगों के मन में यह जानने की उत्सुकता है कि देश के नए शिक्षा मंत्री कितने पढ़ लिखे हैं उनके पास कौन-कौन सी डिग्रियां हैं- तो चलिए एक नजर उनके एजुकेशनल क्वालिफिकेशन पर डालते हैं-
कितने पढ़े-लिखे हैं नए शिक्षा मंत्री?
जोशी की शुरुआती पढ़ाई रेलवे स्कूल में हुई और उनकी माध्यमिक शिक्षा हुबली के न्यू इंग्लिश स्कूल में हुई और उच्च शिक्षा के लिए जोशी ने हुबली के श्री कडासिद्धेश्वर आर्ट्स कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है.
बिजनसमैन भी रह चुके हैं
राजनीति में कदम रखने से पहले वे व्यापार क्षेत्र से जुड़े हुए थे, जिसके बाद वे कर्नाटक में भाजपा के एक प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे.
धारवाड़ से 5 बार के सांसद
कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से प्रह्लाद जोशी 2004 से लगातार 5 बार सांसद चुने गए हैं. उन्होंने संगठन और सरकार दोनों में कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं:
2019 से 2024केंद्रीय संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री रहे.
2024 लोकसभा चुनाव के बाद ये जिम्मेदारी संभालीउन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय सौंपा गया.
अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में योगदान
नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री के रूप में उन्होंने 'राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन', 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' और 'पीएम-कुसुम' जैसी बड़ी सरकारी योजनाओं में भी अहम भूमिका निभाई.
नए शिक्षा मंत्री के सामने क्या हैं चैलेंजेज?
प्रह्लाद जोशी ऐसे समय में शिक्षा मंत्रालय का प्रभार ले रहे हैं जब NEET-UG पेपर लीक मामले के कारण परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. ऐसे में उनके सामने ये 5 चैलेंजेज रहेंगे-
- नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के ढांचे में सुधार करना.
- सख्त एंटी-पेपर लीक कानून और पारदर्शी व्यवस्था लागू करना.
- 2027 से NEET को कंप्यूटर बेस्ड (CBT) फॉर्मेट में कराने की तैयारी.
- देश के लाखों छात्रों और अभिभावकों का प्रवेश परीक्षाओं पर विश्वास वापस कायम करना.
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना.
बता दें कि जोशी पर यह जिम्मेदारी ऐसे समय में आई है जब शिक्षा मंत्रालय एग्जाम सिस्टम में बड़े बदलावों की तैयारी कर रहा है. प्रह्लाद जोशी शिक्षा मंत्रालय के साथ-साथ अपने मौजूदा विभागों उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार भी संभालते रहेंगे.
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