क्या आपको पता है कि भारत में शिक्षा और नौकरी के क्षेत्र में सबसे ज्यादा आरक्षण देने वाला राज्य कौन सा है? देश में सबसे ज्यादा रिजर्वेशन देने वाले राज्य का नाम तमिलनाडु है. यहां वर्तमान में शिक्षा और नौकरी में कुल 69% आरक्षण प्रभावी है. तमिलनाडु ने 69% को इस तरह सा बांट रखा है- पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 30%, अत्यंत पिछड़ा वर्ग (MBC) के लिए 20%, अनुसूचित जाति (SC) के लिए 18% और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 1% आरक्षण शामिल है. बता दें कि तमिलनाडु की यह आरक्षण नीति भारतीय संविधान की 9वीं अनुसूची (Ninth Schedule) में शामिल है. यही कारण है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्धारित 50% की सामान्य सीमा वाले आदेश से इसे सुरक्षा प्राप्त है.
ओडिशा सरकार ने बढ़ाया आरक्षण
ओडिशा कैबिनेट ने शनिवार को राज्य भर में मेडिकल, इंजीनियरिंग और दूसरे हायर और टेक्निकल एजुकेशन कोर्स में एडमिशन के लिए रिजर्वेशन पॉलिसी में एक बड़ा बदलाव करते हुए एससी, एसटी के लिए कोटा बढ़ा दिया है. ओडिशा सरकार ने एससी-एसटी का आरक्षण दोगुना कर दिया है और ओबीसी को भी 11.25% फीसदी रिजर्वेशन दिया है.
सरकार के नए फैसले के मुताबिक, राज्य में अब एडमिशन में शेड्यूल्ड ट्राइब्स (एसटी) को 22.5 प्रतिशत, शेड्यूल्ड कास्ट्स (एससी) को 16.25 प्रतिशत और सोशली एंड एजुकेशनली बैकवर्ड क्लासेस (एसईबीसी) को 11.25 प्रतिशत रिजर्वेशन मिलेगा. कुल रिजर्व सीटों की संख्या 50 परसेंट के अंदर रखी गई है.
पहले कितना था आरक्षण
- ST (अनुसूचित जनजाति)- आरक्षण 12% से बढ़ाकर 22.50% कर दिया गया है.
- SC (अनुसूचित जाति): आरक्षण 8% से बढ़ाकर 16.25% कर दिया गया है.
- SEBC (सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग/OBC): पहली बार मेडिकल और तकनीकी पाठ्यक्रमों में 11.25%.
- आरक्षण शुरू किया गया है. इससे पहले इन कोर्सेज में इनके लिए शून्य आरक्षण था.
वहीं बिहार सरकार ने 2023 में आरक्षण को बढ़ाकर 75% करने की कोशिश की थी लेकिन ये मामला अभी कानूनी विवाद के अधीन है. छत्तीसगढ़ में 58% आरक्षण लागू है. राज्य में वर्तमान में 58% आरक्षण में ST: 32%, SC: 12%, OBC: 14% लागू है. बता दें कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10% आरक्षण 2019 के 103वें संविधान संशोधन के जरिए लागू किया गया था.
राष्ट्रीय स्तर पर कितना है आरक्षण
केंद्रीय स्तर पर भी आरक्षण लागू है. केंद्रीय स्तर पर कुल आरक्षण 59.5% है, जिसमें SC के लिए 15%, ST के लिए 7.5%, OBC (नॉन-क्रीमी लेयर) के लिए 27% और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के लिए 10% शामिल है. बता दें कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10% आरक्षण 2019 के 103वें संविधान संशोधन के जरिए लागू किया गया था.
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