Executive MBA: आज के बदलते और कॉम्पिटिटिव बिजनेस वर्ल्ड में खुद को अपडेट रखना बेहद जरूरी हो गया है. यही वजह है जिन्हें काम का अच्छा-खासा एक्सपीरिएंस है उनके बीच Executive MBA (EMBA) की डिग्री पहली पसंद बन रही है. इस कोर्स की खास बात यह है कि वर्किंग प्रोफेशनल्स को बिना नौकरी छोड़े बिजनेस की नई स्किल्स, स्ट्रैटेजिक सोच और प्रैक्टिकल अप्रोच सीखने में मदद करता है. बता दें कि इस कोर्स को करने वाले करीब 97% स्टूडेंट्स के पास 13 साल या उससे ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस होता है, जिससे क्लासरूम में चर्चा और नेटवर्किंग का लेवल बहुत शानदार हो जाता है. इसके अलावा और क्या कुछ खास है इस कोर्स के बारे में आइए जानते हैं आगे आर्टिकल में...
Executive MBA के फायदे
इंटरनेशनल बिजनेस स्किल्स सीखाता हैआजकल ऑनलाइन और हाइब्रिड यानी ऑनलाइन + ऑफलाइन पढ़ाई को बड़ी पहचान मिल रही है. अब प्रोफेशनल्स ट्रेवल करते हुए या दूरदराज के इलाकों से भी आसानी से पढ़ाई कर सकते हैं. कई बड़े बिजनेस स्कूल अब एशियन संस्थानों के साथ पार्टनरशिप कर रहे हैं. इससे स्टूडेंट्स को इंटरनेशनल बिजनेस के तौर-तरीकों को सीधे समझने और ग्लोबल एक्सपोजर पाने का मौका मिल रहा है.
नेटवर्किंग होती है मजबूतइस कोर्स का सबसे बड़ा फायदा है शानदार नेटवर्क. यहां इक्सपीरिएंस फैकल्टी, गेस्ट स्पीकर्स और अलग-अलग फील्ड के प्रोफेशनल्स एक साथ आते हैं. यह मजबूत एलुमनाई नेटवर्क आगे चलकर नए बिजनेस पार्टनर्स, जॉब ऑफर्स और स्टार्टअप शुरू करने में बहुत मददगार साबित होता है.
फुल-टाइम एमबीए से बेहतरइसमें आपको अपनी चलती हुई नौकरी या सैलरी छोड़ने की जरूरत नहीं होती. क्योंकि आपकी कमाई बंद नहीं होती, इसलिए इस कोर्स पर होने वाला खर्च जेब पर भारी नहीं पड़ता. इसलिए यह फुल-टाइम एमबीए से कहीं बेहतर होता है. इसकी पढ़ाई केस स्टडीज और प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स पर आधारित होती है. यानी वीकेंड पर आपने जो सीखा, सोमवार को उसे सीधे अपने ऑफिस के काम में इस्तेमाल कर सकते हैं.
अगर कोई बहुत अच्छा इंजीनियर, डॉक्टर या वकील है, तो जरूरी नहीं कि उसे बिजनेस चलाना या टीम संभालना भी आता हो. EMBA ऐसे ही टेक्निकल एक्सपर्ट्स को फाइनेंस, मार्केटिंग, ऑपरेशंस और स्ट्रेटेजी की भाषा सिखाता है.
CV होती है मजबूतइसके बाद वे आसानी से कंपनी के बड़े पदों, जैसे CEO, CFO पर बैठने के काबिल बन जाते हैं. इसके साथ ही, कोर्स के दौरान मिलने वाली पर्सनल करियर कोचिंग आपकी सीवी (CV) बेहतर करने और इंटरव्यू क्रैक करने में मदद करती है.
आसान शब्दों में कहें तो, साल 2026 के अनिश्चित बाजार में EMBA प्रोफेशनल्स को करियर में लंबी छलांग लगाने का सबसे मजबूत जरिया बन गया है.
जेनरेटिव AI भी किया जा रहा एड
इसके अलावा, आज के दौर में जेनरेटिव AI (Generative AI) बिजनेस का हिस्सा बन चुका है. इसलिए, EMBA प्रोग्राम्स में अब AI टूल्स और टेक्नोलॉजी को करिकुलम में शामिल किया जा रहा है, ताकि मैनेजर्स अपनी कंपनी में सही स्ट्रेटेजी के साथ बदलाव ला सकें.
बता दें कि कोरोना महामारी के बाद लोगों में अपस्किलिंग यानी नई स्किल सीखने का क्रेज तेजी से बढ़ा है. आंकड़ों के मुताबिक, साल 2021-22 में EMBA प्रोग्राम्स में एडमिशन में बड़ा उछाल देखा गया था. हालांकि अब इस ट्रेंड में स्टैबलिटी आई है, लेकिन फिर भी एडमिशन का ग्राफ कोरोना से पहले के मुकाबले काफी ऊपर है.
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