केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं क्लास की री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया की आवेदन विंडो 7 जून को बंद हो गई है. री-इवैल्यूएशन की डेडलाइन को लेकर रविवार को CBSE ने एक्स पर एक पोस्ट भी किया था, जिसमें 12वीं के छात्रों को समय सीमा के अंदर आवेदन करने को कहा गया था. CBSE के इस पोस्ट पर 12वीं के छात्र सिद्धांत सार्थक ने कमेंट कर एक बार फिर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है. सीबीएसई (CBSE) की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली (On-Screen Marking - OSM) के टेंडर के नियमों की पोल खोलने वाले 12वीं के छात्र सिद्धांत सार्थक ने कमेंट करते हुए लिखा, क्या आप कृपया समय सीमा ( री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया आवेदन करने की तारीख) बढ़ा सकते हैं? मैं इस सप्ताह आपको बेनकाब करने में व्यस्त था.
Can u please extend the deadline please because i was busy this week exposing you
— Sarthak Sidhant (@sidhant_sarthak) June 7, 2026
सार्थक सिद्धांत के इस ट्वीट पर कई सारी प्रतिक्रिया भी आ रही हैं. एक यूजर ने लिखा, सार्थक भाई, आप कभी थकते क्यों नहीं? क्या आप कोई टॉनिक वगैरह लेते हैं? वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, आपकी पीढ़ी ही वह बदलाव लाएगी जिसे हम देखना चाहते थे. बहुत बढ़िया.
कौन हैं सार्थक सिद्धांत
सीबीएसई ने ‘कोएम्प्ट एडुटेक' कंपनी को ‘ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम' (ओएसएम) का ठेका दिया था. सार्थक सिद्धांत ने COEMPT कंपनी को कथित टेंडर देने के मामले की खामियों को उजागर किया था. शिक्षा मामलों की संसदीय समिति की बैठक में सार्थक सिद्धांत को बुलाया गया था. सार्थक सिद्धांत ने इस कमेटी के सामने प्रजंटेशन दी थी और इस दौरान बताया कि कैसे COEMPT कंपनी को टेंडर देने के लिए बार-बार नियम बदले गए थे. सार्थक सिद्धांत की ओर से बताई गई अधिकतर चीजों से स्थाई समिति के ज्यादातर सदस्य सहमत थे. इसके बाद सरकार ने एक्शन लेते हुए सीबीएसई के दो शीर्ष अधिकारियों को हटा दिया था. सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया. उनके स्थान पर वरिष्ठ नौकरशाह लोखंडे प्रशांत सीताराम और वरुण भारद्वाज को नियुक्त किया गया.
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