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UP Board: यूपी बोर्ड का बड़ा फैसला, अब 9वीं से 12वीं तक NCERT की किताबों से होगी पढ़ाई

उत्तर प्रदेश में अब 9, 10, 11 और 12 कक्षा के बच्चों को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबें पढ़ाई जाएंगी. यूपी बोर्ड का ये फैसला सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू होगा.

UP Board: यूपी बोर्ड का बड़ा फैसला, अब 9वीं से 12वीं तक NCERT की किताबों से होगी पढ़ाई
छात्रों ने यूपी सरकार के इस फैसले पर खुशी जाहिर की है.

उत्तर प्रदेश बोर्ड ने एक बड़ा फैसला लिया है. राज्य में अब कक्षा 9, 10, 11 और 12 का पाठ्यक्रम एक समान होगा और सभी सरकारी और निजी स्कूलों में सिर्फ राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबें ही पढ़ाई जाएंगी. राज्य में कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए ये अहम फैसला है. इस फैसले के बाद से अब पूरे राज्य में पढ़ाई का एक समान ढांचा लागू हो सके. इस फैसले को लेकर आईएएनएस ने चंदौली में छात्रों से बातचीत की. इस दौरान कई छात्रों ने इस फैसले पर अपनी राय जाहिर की.  छात्रों का कहना है कि पहले अलग-अलग स्कूलों में अलग-अलग किताबें होने के कारण दिक्कत होती थी मगर अब एक ही पाठ्यक्रम होने से पढ़ाई आसान हो जाएगी.

"हर वर्ग के छात्रों को फायदा मिलेगा"

एक छात्र ने बताया कि अगर किसी वजह से स्कूल बदलना पड़ता है, तो अब नई किताबें खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी. उसी एनसीईआरटी की किताब से पढ़ाई जारी रखी जा सकेगी, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी. वहीं, एक अन्य छात्र ने कहा कि एनसीईआरटी की किताबें न सिर्फ अच्छी होती हैं, बल्कि उनकी कीमत भी काफी किफायती होती है. दूसरी किताबों के मुकाबले ये आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं, जिससे हर वर्ग के छात्रों को फायदा मिलेगा.

NCERT कक्षा 1 से 12वीं तक की किताबें तैयार करता है. CBSE और कई राज्य बोर्ड NCERT की किताबें ही पढ़ाते हैं. इसकी स्थापना 1961 में की गई थी और अब तो NCERT को 'डीम्ड यूनिवर्सिटी' (Deemed University) का दर्जा भी मिल गया है.

एक और छात्र ने सरकार के इस फैसले पर खुशी जाहिर की और कहा एनसीईआरटी की किताबें किसी भी स्टेशनरी दुकान पर आसानी से मिल जाती हैं और ये आगे होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी काफी मददगार साबित होती हैं. इसके अलावा, एक छात्र ने यह भी बताया कि ज्यादातर सहायक (साइड बुक्स) भी एनसीईआरटी को आधार बनाकर ही तैयार की जाती हैं, इसलिए अब पढ़ाई और ज्यादा व्यवस्थित हो जाएगी. यूपी बोर्ड के इस फैसले को छात्रों ने सकारात्मक रूप में लिया है और इसे पढ़ाई को सरल, सुलभ और एकरूप बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.

प्रतियोगी परीक्षाएं में पहुंचेगा फायदा

स्कूल स्तर से NCERT की किताबों को पढ़ने से प्रतियोगी परीक्षाओं में फायदा पहुंचेंगे. दरअसल देश की बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे UPSC, NEET और JEE  की तैयारी के लिए NCERT को ही भरोसेमंद माना जाता है. इन परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवार NCERT की ही किताबें पढ़ते हैं.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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