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क्या सच में लीक हुआ UGC NET का पेपर? एक्सपर्ट्स ने बताया Sociology में कितने आम हैं 'हूबहू सवाल'

UGC NET Paper Leak Claim: सोशल मीडिया पर यूजीसी नेट के एक पेपर को लेकर दावा किया जा रहा है कि वो पहले से ही बाहर आ गया था, राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है. ऐसे में हमने एक्सपर्ट्स से बातचीत कर समझा कि क्या वाकई इसे पेपर लीक कहा जा सकता है?

क्या सच में लीक हुआ UGC NET का पेपर? एक्सपर्ट्स ने बताया Sociology में कितने आम हैं 'हूबहू सवाल'
UGC NET के पेपर को लेकर उठ रहे सवाल

NEET पेपर लीक के बाद देश में होने वाली तमाम बड़ी परीक्षाओं को लेकर सवाल उठे, हालांकि ज्यादातर मामलों में दावे पूरी तरह सच नहीं साबित हुए. इसी बीच अब यूजीसी नेट के एक पेपर को लेकर खूब बवाल हो रहा है, दावा किया जा रहा है कि पेपर पहले से ही कुछ लोगों तक पहुंच चुका था. रोहतक के छात्र नेता दीपक धनखड़ ने इस मामले को उठाया और अब राहुल गांधी ने भी इसे लेकर सवाल उठा दिए हैं. दावा ये है कि पीडीएफ से 90 सवाल हूबहू मैच कर रहे हैं, ऐसे में हमने इस पूरे मामले को समझने के लिए कुछ एजुकेशन एक्सपर्ट्स से बातचीत की और समझा कि आखिर सवाल मैच होना कितना आम है. 

सवाल मैच होने पर क्या बोले एक्सपर्ट्स?

एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि सीधे किसी भी पेपर को लीक नहीं माना जा सकता है. यूजीसी नेट वाले विवाद में सवाल मैच होने का दावा हो रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए. आमतौर पर Sociology जैसे सब्जेक्ट में ज्यादा सवाल मैच होने के चांस रहते हैं. कई बार ये रेशियो 50 फीसदी से ज्यादा भी हो सकता है. हालांकि अगर सवाल उठ रहे हैं तो इसकी जांच होनी चाहिए. एक्सपर्ट ने बताया कि पेपर लीक की बात होती है तो फिर इस मामले में कई लोग आगे आते हैं, कई बार पैनिक क्रिएट हो जाता है. इसे देखना चाहिए कि कहीं ये पीडीएफ फेब्रिकेटेड तो नहीं है. 

दूसरे एजुकेशन एक्सपर्ट रजनीश शर्मा ने इस मामले को लेकर कहा कि, "अगर मैं किसी बच्चे को 1000 सवाल करवाता हूं तो उसमें से 40 से 50 सवाल मैच कर जाना कोई बड़ी बात नहीं है. इसके पीछे वजह है कि जो भी एग्जामिनर सोर्स यूज करेगा सवालों को सेट करने में, वो स्टैंडर्ड होगा, जिसे हम भी प्रैक्टिस करवाते हैं. Sociology जैसा सब्जेक्ट एक थ्योरिटकल सब्जेक्ट है, ये कितना बड़ा सैंपल साइज है, कितने में से सवाल मैच हुए हैं, ये सब देखने की जरूरत है. आमतौर पर ऐसे विषयों में सवाल ज्यादा मैच हो सकते हैं."

एक्सपर्ट रजनीश ने कहा कि पेपर लीक का दावा सिर्फ तभी किया जा सकता है, जब सैंपल पेपर में 100 सवाल थे और उनमें 90 मैच हो गए. किसी भी पेपर में ऐसी गड़बड़ लगती है तो उसकी जांच करनी चाहिए, नहीं तो ये सवाल और बड़े होते हैं और छात्रों के मन में शक पैदा होता है. 

क्या है पूरा मामला?

आम आदमी पार्टी से जुड़े छात्र संगठन एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स के नेता दीपक धनखड़ ने 6 जुलाई को एक बड़ा दावा किया, इसमें उन्होंने एक पीडीएफ शेयर किया और दावा किया कि 30 जून को जो यूजीसी नेट का पेपर हुआ था, उसे पहले ही लीक कर दिया गया. उन्होंने बताया कि एक सब्जेक्ट का पेपर उनके पास आया था, जिसे वो शेयर कर रहे हैं. इस मामले ने तूल तब पकड़ा, जब राहुल गांधी ने इस पर सवाल खड़े कर दिए. अब पुलिस कई छात्रों और बाकी लोगों से पूछताछ में जुटी है. इसके अलावा दीपक धनखड़ की तलाश भी की जा रही है. 

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