विज्ञापन
This Article is From Jul 15, 2025

तमिलनाडु के स्कूलों में लगाए जाएंगे 'तेल, चीनी, नमक' बोर्ड, जानिए क्यों

तमिलनाडु का खाद्य सुरक्षा विभाग जल्द ही कोयंबटूर जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में 'तेल, चीनी और नमक' बोर्ड लगाएगा. इस पहल का उद्देश्य छात्रों को उच्च वसा (हाई फैट), उच्च चीनी (हाई शुगर), और उच्च नमक (हाई सॉल्ट) वाले आहार के दुष्परिणामों से अवगत कराना है.

तमिलनाडु के स्कूलों में लगाए जाएंगे 'तेल, चीनी, नमक' बोर्ड,  जानिए क्यों
नई दिल्ली:

Tamil Nadu Schools: छात्रों में स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा देने और खाद्य सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के प्रयास में, तमिलनाडु का खाद्य सुरक्षा विभाग जल्द ही कोयंबटूर जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में 'तेल, चीनी और नमक' बोर्ड लगाएगा. इस पहल का उद्देश्य छात्रों को उच्च वसा (हाई फैट), उच्च चीनी (हाई शुगर), और उच्च नमक (हाई सॉल्ट) वाले आहार के दुष्परिणामों से अवगत कराना है. विभाग का मानना है कि अहम जानकारी देकर कर बचपन से ही मोटापे और गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है.

बच्चों को सेहत के लिए किया जाएगा जागरूक

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय पोषण संस्थान (आईसीएमआर-एनआईएन) के सहयोग से भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने इन बोर्ड्स को डेवलप किया है, जिन पर सूचनात्मक पोस्टर लगाए जाएंगे और डिजिटल डिस्प्ले भी होगा. ये बोर्ड चीनी, नमक और तेल के अनुशंसित दैनिक सेवन (रिक्मेंडेड डेली इनटेक) पर प्रकाश डालेंगे और बताएंगे कि इनका अधिक सेवन स्वास्थ्य पर कैसे प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, जिसमें मोटापा, टाइप-2 मधुमेह और हृदय रोगों का खतरा बढ़ना शामिल है.

विजुअल से बच्चों को समझाना आसान 

संदेशों को बच्चों के लिए अधिक आकर्षक और सुलभ बनाने के लिए, बोर्ड्स पर आकर्षक चित्र और कार्टून लगाए जाएंगे. अधिकारियों का मानना है कि यह विजुअल प्रेजेंटेशन छात्रों को खाद्य सुरक्षा और पोषण की अवधारणाओं को आसानी से समझने में मदद करेगा. यह अभियान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के निर्देशों के बाद चलाया जा रहा है, जिसने सभी संबद्ध स्कूलों को जागरूकता बोर्ड स्थापित करने का निर्देश दिया है.

कोयंबटूर के जिला कलेक्टर पवनकुमार जी. गिरियप्पनवर ने जिले भर के स्कूलों में इस अभियान को तुरंत शुरू करने का आदेश दिया है. कोयंबटूर के खाद्य सुरक्षा विभाग की नामित अधिकारी डॉ. टी. अनुराधा ने कहा, "उच्च वसा, चीनी या नमक (एचएफएसएस) वाले खाद्य पदार्थों का सेवन मोटापे और अन्य गैर-संचारी रोगों का एक प्रमुख कारण है. यह पहल छात्रों को जोखिमों को समझने और स्वास्थ्यवर्धक भोजन चुनने में मदद करेगी. प्रत्येक तालुका में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (एफएसओ) को बोर्ड लगाने की निगरानी करने और नियमित रूप से जागरूकता सत्र आयोजित करने का निर्देश दिया गया है."

इसके अलावा, एफएसओ स्कूल कैंटीनों की निगरानी करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करते हैं. एफएसएसएआई ने सार्वजनिक संस्थानों में अक्सर तैलीय, नमकीन या मीठे भोजन की जगह एक स्वस्थ भोजन का मॉडल भी सुझाया है. इस अभियान का प्रचार सोशल मीडिया टैगलाइन 'स्टॉप ओबेसिटी एंड ईट राइट इंडिया' के तहत किया जा रहा है और इसे इसी सप्ताह कोयंबटूर के स्कूलों में शुरू किया जाएगा.

ये भी पढ़ें-MPPSC Reservation: EWS कैटगरी वालों को झटका, अब नहीं मिलेगी उम्र सीमा में छूट

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com