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बिहार के दर्जी के बेटे ने NEET UG में मारी बाजी, बताई अपनी स्ट्रेटेजी, जानें किन किताबों से की तैयारी

नीट यूजी एग्जाम पास करने वाले मोहम्मद अयान ने कहा, ये एग्जाम क्रैक करने के लिए महंगी कोचिंग जरूरी नहीं है. ज्यादा जरूरी है अच्छी शिक्षा, रिवीजन और रेगुलर प्रैक्टिस करना है.

बिहार के दर्जी के बेटे ने NEET UG में मारी बाजी, बताई अपनी स्ट्रेटेजी, जानें किन किताबों से की तैयारी
मोहम्मद अयान ने कहा, Re-NEET 2026 के लिए मेरी स्ट्रेटेजी एकदम सिंपल थी.

बिहार के मोहम्मद अयान ने NEET UG 2026 में अखिल भारतीय रैंक (AIR) 2,695 हासिल की है. एक दर्जी के परिवार से आने वाले मोहम्मद अयान का सपना डॉक्टर बनने का था. अपने इस सपने को पूरा करने के लिए मोहम्मद अयान ने दिन रात मेहनत की. कोचिंग क्लास उनकी पहुंच से बाहर थी, ऐसे में अयान ने ऑनलाइन पढ़ाई की. अपनी सफलता पर NDTV से बात करते हुए अयान ने बताया कि किस तरह की रणनीति से उन्होंने नीट एग्जाम क्रैक किया. अयान ने कहा, मेरे पिता कढ़ाई का काम करते हैं, उनकी कोई फिक्स इनकम नहीं है. इस वजह से पैसों की कमी हमेशा से रही. मुझे वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन विश्वास था कि कड़ी मेहनत मेरी परिस्थितियों को बदल सकती है.

नीट एग्जाम क्रैक करने की स्ट्रेटेजी क्या थी

मोहम्मद अयान ने कहा, Re-NEET 2026 के लिए मेरी स्ट्रेटेजी एकदम सिंपल थी. मैंने रिवीजन पर फोकस किया, मॉक टेस्ट दिए, अपनी गलतियों का एनालिसिस किया. मैं इस दौरान लगभग 10 से 15 दिनों तक बीमार भी था. इसलिए मुझे अपनी तैयारी को उसी हिसाब से एडजस्ट करना पड़ा. मैं बस रिवीजन करता रहा, प्रैक्टिस करता रहा. जिसके कारण से ही आज मुझे कामयाबी मिली है.

पैसे कमाने के लिए मैं प्राइवेट ट्यूटर  बन गया. क्लास 11 से मैंने लगभग चार महीने तक बच्चों को पढ़ाया. मैंने दिन में छात्रों को पढ़ाया करता था और रात में अपनी तैयारी करता था. मैं थक जाता था. लेकिन मेरे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था. इसलिए मैंने अपने रूटीन को उसी के अनुसार एडजस्ट किया. ऑफलाइन कोचिंग मेरी पहुंच से बाहर थी, ऑनलाइन ही पढ़ाई के एकमात्र ऑप्शन था. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में भी, PW सबसे सस्ता था, इसलिए मैंने उसके एक बैच में एडमिशन ले लिया.

किन किताबों से की पढ़ाई

जब मोहम्मद अयान से ये पूछा गया कि उन्होंने नीट की पढ़ाई किन किताबों से की, तो उन्होंने कहा,  मैंने NCERT, अपने क्लास नोट्स, असाइनमेंट, डेली प्रैक्टिस पेपर और पिछले सालों के क्वेश्चन पेपर के जरिए अपनी पढ़ाई की. मैंने कॉन्सेप्ट को अच्छी तरह समझा और रेगुलर प्रैक्टिस करने पर फोकस किया.

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