Education Loan: अगर आप हायर एजुकेशन हासिल करना चाहते हैं, लेकिन पैसों की तंगी आपके रास्ते की दीवार बन रही है, तो अब आपको मायूस होने की जरूरत नहीं है. केंद्र सरकार की पीएम विद्यालक्ष्मी योजना (PM Vidyalaxmi Scheme) के तहत बिना किसी सिक्योरिटी या गारंटर के आसानी से एजुकेशन लोन मिल रहा है. सबसे अच्छी बात यह है कि 7.5 लाख रुपये तक के लोन पर 75% रकम की गारंटी खुद सरकार लेती है. आइए बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि यह योजना क्या है और आप घर बैठे इसका फायदा कैसे उठा सकते हैं.
क्या है पीएम विद्यालक्ष्मी योजना?
केंद्र सरकार ने 6 नवंबर 2024 को इस योजना को मंजूरी दी थी. इसका मकसद है कि देश के किसी भी होनहार स्टूडेंट की पढ़ाई पैसों की कमी के कारण न छूटे. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों से जुड़ी यह योजना पूरी तरह से डिजिटल है. इसके जरिए हर साल करीब 22 लाख छात्रों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है. अगर आपका एडमिशन देश के NIRF रैंकिंग वाले संस्थानों में होता है, तो आप इस योजना के तहत बेझिझक लोन ले सकते हैं.
योजना की 5 बड़ी खासियतें
- लोन लेने के लिए आपको कोई प्रॉपर्टी गिरवी रखने (Collateral) या किसी गारंटर को लाने की बिल्कुल जरूरत नहीं है.
- बैंकों का जोखिम कम करने के लिए, 7.5 लाख रुपये तक के एजुकेशन लोन पर सरकार 75% की क्रेडिट गारंटी दे रही है.
- अगर आपके परिवार की सालाना कमाई 8 लाख रुपये तक है, तो आपको 10 लाख रुपये तक के लोन पर ब्याज में 3% की छूट मिलेगी.
- जिन छात्रों के परिवार की सालाना आय 4.5 लाख रुपये तक है, उन्हें ब्याज में पूरी छूट मिलेगी.
- लोन पास होने के बाद पैसा सीधे आपके डिजिटल रुपया वॉलेट में आता है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहती है.
किन्हें सबसे पहले मिलेगा 3% ब्याज सब्सिडी का लाभ?
सालाना 3% ब्याज सब्सिडी का लाभ ज्यादा से ज्यादा 1 लाख छात्रों को ही मिल सकता है. अगर आवेदकों की संख्या 1 लाख से ज्यादा होती है, तो सरकार इस क्रम में प्राथमिकता (Preference) तय करेगी:-
- गवर्नमेंट हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट में एडमिशन लेने वाले छात्र.
- टेक्निकल और वोकेशनल कोर्सेज के छात्र.
- सरकारी स्कूल से 12वीं (10+2) पास करने वाले छात्र.
- सरकारी स्कूल से 10वीं पास करने वाले छात्र.
- ग्रामीण इलाकों के स्कूलों से 12वीं पास करने वाले छात्र.
- इसके बाद गर्ल्स स्टूडेंट को प्राथमिकता दी जाएगी.
कहां-कहां मिलेगा यह लोन?
पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल एक 'सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म' है. यहां से आप देश के 12 प्रमुख सरकारी, 20 प्राइवेट, 24 क्षेत्रीय ग्रामीण और 16 को-ऑपरेटिव बैंकों में आवेदन कर सकते हैं.
किन-किन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ेगी?
पोर्टल पर फॉर्म भरते समय छात्रों को निम्नलिखित दस्तावेज PDF या JPEG फॉर्मेट (अधिकतम साइज 200 kb) में अपलोड करने होंगे:-
- 10वीं की मार्कशीट और 12वीं/डिप्लोमा/आखरी क्वालिफाइंग परीक्षा की मार्कशीट.
- संबंधित कोर्स में दाखिले का आधिकारिक प्रमाण.
- संस्थान द्वारा दिया गया कोर्स की फीस और खर्चों का पूरा शेड्यूल.
- किसी पब्लिक अथॉरिटी या कॉलेज अथॉरिटी द्वारा जारी किया गया परिवार की आय का वैध प्रमाण पत्र.
- आवेदक छात्र और माता-पिता दोनों की पासपोर्ट साइज फोटो. (यदि स्वेच्छा से कोई कोलैटरल सिक्योरिटी (गारंटी) दी जा रही है, तभी सह-आवेदक या गारंटर की फोटो लगेगी.)
- योजना का लाभ, ब्याज सब्सिडी और क्रेडिट गारंटी पाने के लिए आधार कार्ड पूरी तरह अनिवार्य है.
घर बैठे ऐसे करें अप्लाई
ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए बस ये तीन आसान स्टेप फॉलो करने हैं:-
- सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल www.pmvidyalaxmi.co.in पर जाएं.
- अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी डालकर साइन-अप प्रक्रिया पूरी करें.
- लॉगइन करने के बाद कॉमन लोन एप्लीकेशन फॉर्म में अपनी सभी सही जानकारियां भरें. फॉर्म में स्कूल/कॉलेज सर्च करने के लिए Ministry of Education के UDISE और AISHE डेटाबेस की मदद लें.
- छात्र अपनी सुविधा और पात्रता के हिसाब से अधिकतम 3 बैंकों का चयन कर सकते हैं.
- फॉर्म पूरा होने और दस्तावेज अपलोड होने के बाद इसे सबमिट कर दें.
एक बार अप्लाई करने के बाद आप अपने आवेदन का स्टेटस ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं. पूरी प्रक्रिया को इतना फास्ट रखा गया है कि लोन पास होने में औसतन 8 दिन से भी कम का समय लगता है. लोन मंजूर होने के बाद बैंक सीधे कॉलेज के खाते में पैसा ट्रांसफर कर देगा.
नोट:- लोन अप्लाई करने के लिए पहले से संबंधित बैंक में खाता होना जरूरी नहीं है. हालांकि, लोन मंजूर होने के बाद बैंक छात्र और माता-पिता के नाम पर एक जॉइंट सेविंग अकाउंट खोलेगा, जिसके जरिए लोन की राशि जारी की जाएगी.
योजना का अब तक का शानदार रिकॉर्ड
लॉन्च होने के बाद से ही छात्रों ने इस पोर्टल का जबरदस्त फायदा उठाया है. पोर्टल के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक 60369 करोड़ रुपये की वैल्यू वाले 5,08,244 लोन एप्लीकेशन मंजूर किए जा चुके हैं. इनमें से 4,18,883 छात्रों के खातों में 17,099 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम भेजी भी जा चुकी है. मौजूदा समय में 35,686 डिजिटल रुपया वॉलेट एक्टिव हैं, जिनके जरिए 55.45 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है. वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 4,15,567 छात्रों को करीब 892.94 करोड़ रुपये की ब्याज छूट का सीधा फायदा मिला है. शिक्षा विभाग (DHE) और वित्त विभाग (DFS) लगातार बैंकों के साथ मिलकर इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी छात्र को लोन लेने के लिए भटकना न पड़े और उन्हें समय पर पैसा मिल सके.
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