Rajasthan Paper Leak List: देशभर में हुई NEET UG 2026 परीक्षा एक बार फिर विवादों में घिर गई है. राजस्थान में कई छात्रों के पास ऐसा क्वेश्चन बैंक मिला है, जिसके ज्यादातर सवाल असली पेपर से मैच कर रहे हैं. इसी बीच राजस्थान की चर्चित SI भर्ती परीक्षा का मामला भी फिर चर्चा में आ गया है, जिसे पेपर लीक और धांधली के कारण रद्द कर दिया गया था. अब सवाल उठ रहा है कि क्या प्रदेश में भर्ती और एंट्रेंस परीक्षाओं का सिस्टम पूरी तरह सेफ नहीं है, आखिर हर बार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यों हो रहा है और राजस्थान परीक्षाएं लीक होने वाला प्रदेश कैसे बनता जा रहा है. इसी बीच सुप्रीम कोर्ट की वो टिप्पणी भी याद आ रही है, जिसमें पेपर लीक पर कोर्ट ने कहा था कि पानी के गिलास में एक बूंद जहर गिर जाए तो पूरा गिलास फेंकना पड़ता है. आइए जानते हैं जवाब और पिछले 15 सालों में राज्य में लीक हो चुके बड़े पेपर की जानकारी..
NEET 2026 पेपर का पूरा मामला क्या है
3 मई 2026 को देशभर में नीट यूजी परीक्षा आयोजित हुई थी. परीक्षा के कुछ दिनों बाद राजस्थान के सीकर में छात्रों के पास हाथ से लिखा हुआ एक गेस पेपर मिला. जांच में सामने आया कि इस गेस पेपर के कई सवाल असली परीक्षा से मिल रहे थे. बताया जा रहा है कि 720 नंबर की परीक्षा में करीब 600 नंबर के सवाल पहले से छात्रों तक पहुंच गए थे. यह कथित क्वेश्चन बैंक एक MBBS छात्र ने अपने दोस्त को भेजा था, जिसके बाद यह अलग-अलग लोगों तक फैल गया. राजस्थान SOG ने इस मामले में एक्शन लेते हुए देहरादून, सीकर और झुंझुनू से 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया है. जांच एजेंसी अब सोशल मीडिया चैट, कॉल रिकॉर्ड और वॉट्सऐप मैसेज खंगाल रही है.
हाथ से लिखे गए थे सवाल, जांच एजेंसियां भी हैरान
जांच में सामने आया कि छात्रों तक पहुंचे सवाल हाथ से लिखे गए थे और सभी की हैंडराइटिंग एक जैसी थी. इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे. बताया जा रहा है कि इनमें से करीब 150 सवाल हूबहू परीक्षा में आ गए. इतनी बड़ी संख्या में सवालों का मिलना गंभीर मामला माना जा रहा है.
राजस्थान में SI भर्ती भी हो चुकी है रद्द
नीट विवाद के बीच राजस्थान की चर्चित SI भर्ती परीक्षा का मामला भी फिर सुर्खियों में है. साल 2021 की सब-इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा को राजस्थान हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था, बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा. कोर्ट ने माना कि भर्ती प्रक्रिया में बड़े स्तर पर धांधली और सिस्टमेटिक पेपर लीक हुआ था. मामले में राजस्थान लोक सेवा आयोग यानी RPSC के एक सदस्य की गिरफ्तारी भी हुई थी. अब ये परीक्षा दोबारा करवाई जा रही है.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर पानी के गिलास में जहर की कुछ बूंदें गिर जाएं तो पूरा गिलास फेंकना पड़ता है. कोर्ट का साफ कहना था कि भर्ती प्रक्रिया इतनी ज्यादा प्रभावित हो चुकी थी कि सही और गलत अभ्यर्थियों को अलग करना मुश्किल था, इसलिए पूरी भर्ती को रद्द करना ही सही फैसला माना गया.
राजस्थान में पहले भी कई पेपर हो चुके हैं लीक
1. RAS भर्ती 2013 में प्री-एग्जाम का रिजल्ट आने के बाद पता चला कि पेपर पहले ही बाहर था, जिसकी वजह से पूरी परीक्षा रद्द हुई.
2. REET 2021 में तो धांधली इतनी बड़ी थी कि खुद मुख्यमंत्री को लेवल-2 की परीक्षा रद्द करने का ऐलान करना पड़ा.
3. कांस्टेबल भर्ती 2018 और 2022 दोनों ही बार पुलिस की अपनी ही परीक्षा का पेपर लीक हुआ और लाखों युवाओं का सपना टूट गया.
4. JEN सिविल भर्ती 2020 में पेपर लीक का मामला इतना बढ़ा कि बोर्ड के अध्यक्ष को अपने पद से इस्तीफा तक देना पड़ गया था.
5. लाइब्रेरियन भर्ती 2018 में नकल गिरोह के तार शेखावाटी तक फैले मिले और परीक्षा को बीच में ही निरस्त करना पड़ा.
6. LDC भर्ती 2013 में पेपर आउट होने की वजह से जो भर्ती चंद महीनों में होनी थी, उसे पूरा होने में 3 साल लग गए.
7. RPMT 2014 में सवालों में भारी गड़बड़ी और लीक के आरोपों के बाद इस मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम को भी रद्द करना पड़ा था.
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