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NEET-UG Controversy: 2024 का 'जख्म' और 2026 में फिर वही कहानी... क्या दांव पर है 22 लाख छात्रों का भविष्य?

NEET-UG 2024 complete paper leak controversy story : साल 2024 में नीट-यूजी की इस घटना ने पूरे देश को हैरान कर दिया था. अभी छात्र उस सदमे से उबरे ही थे कि साल 2026 की परीक्षा में भी पेपर लीक और से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों ने फिर से वही पुरानी यादें ताजा कर दी हैं.

NEET-UG Controversy: 2024 का 'जख्म' और 2026 में फिर वही कहानी... क्या दांव पर है 22 लाख छात्रों का भविष्य?
साल 2024 में नीट-यूजी पेपर लीक के सदमे से छात्र उबरे ही नहीं थे कि साल 2026 की परीक्षा में भी पेपर लीक से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों ने फिर से वही पुरानी यादें ताजा कर दी हैं.

NTA NEET UG Controversy : भारत में डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले 23 लाख से ज्यादा छात्रों के लिए साल 2024 किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2024 विवादों के ऐसे चक्रव्यूह में फंसी कि इसकी गूंज सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक सुनाई दी. आइए समझते हैं कि आखिर इस पूरी परीक्षा के दौरान क्या-क्या हुआ और क्यों करोड़ों लोग आज भी इस पर चर्चा कर रहे हैं. 

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 2024 नीट यूजी पेपर लीक मामले में क्या हुआ था

बिहार से शुरू हुई कहानी

विवाद की शुरुआत बिहार से हुई, जहां परीक्षा से ठीक पहले पटना पुलिस ने एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया. आरोप लगा कि परीक्षा से एक रात पहले ही छात्रों को पेपर रटवाए गए थे, जिसके बदले उनसे लाखों रुपये वसूले गए. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, तार झारखंड, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से जुड़ने लगे. सीबीआई की जांच में खुलासा हुआ कि हजारीबाग के ओएसिस स्कूल से पेपर को सील बंद बॉक्स से निकाला गया था.

जब 67 छात्रों ने हासिल किए 720 में से 720 अंक

4 जून 2024 को जब रिजल्ट घोषित हुआ, तो देश हैरान रह गया. पहली बार इतिहास में 67 छात्रों ने परफेक्ट 720 स्कोर किया. शक तब और गहरा गया जब कुछ छात्रों के 718 और 719 अंक आए, जो टेक्निकली और मार्किंग स्कीम के हिसाब से पॉसिबल नहीं था. जिसको लेकर एनटीए (NTA) ने सफाई दी कि ये 'ग्रेस मार्क्स' हैं, लेकिन छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा.

सुप्रीम कोर्ट का फैसला और छात्रों की उम्मीदें

मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. महीनों चली बहस और विरोध प्रदर्शनों के बाद, कोर्ट ने माना कि परीक्षा की पवित्रता प्रभावित हुई है, लेकिन 'सिस्टमैटिक लीक' का सबूत न मिलने के कारण पूरी परीक्षा को रद्द करने से इनकार कर दिया. 

साल 2024 में नीट-यूजी की इस घटना ने पूरे देश को हैरान कर दिया था. अभी छात्र उस सदमे से उबरे ही थे कि साल 2026 की परीक्षा में भी पेपर लीक और से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों ने फिर से वही पुरानी यादें ताजा कर दी हैं. आज एनटीए ने नीट यूजी की परीक्षा रद्द कर दी है. जिससे 22 लाख से ज्यादा छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है.  ऐसे में सवाल उठता है कि क्या 2024 की गलतियों से कोई सबक नहीं लिया गया? आखिर क्यों हर बार जांच की सुई सिस्टम की खामियों और गिरोहों की मिलीभगत पर आकर टिक जाती है?

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