NEET PG Cutoff Drop: नीट पीजी कटऑफ को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जो काफी हैरान करने वाला है. स्टेट सिलेक्शन कमेटी ने तीसरे दौर की काउंसलिंग के दौरान 800 में से सिर्फ 9 नंबर पाने वाले एक डॉक्टर को एक प्राइवेट कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट (PG) सीट अलॉट कर दी. डॉक्टर को ये सीट मैनेजमेंट कोटे के तहत मिली है. अब इस मामले के सामने आने के बाद एक बार फिर से मेडिकल की पढ़ाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं. हैरानी की बात ये है कि काउंसलिंग के अगले दौर में इससे भी कम नंबर पाने वाले उम्मीदवारों को सीटें मिल सकती हैं.
नीट पीजी सीटों को लेकर उठ रहे सवाल
बताया गया है कि अगर सरकारी और मैनेजमेंट कोटे में छात्र सीटें नहीं लेते हैं तो अगले दौर में कटऑफ और ज्यादा गिरने की उम्मीद है. इसे लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) समेत कई डॉक्टर सवाल उठा रहे हैं और इसे एक गलत प्रैक्टिस बताया जा रहा है. अब एक बार फिर इस मामले को लेकर विवाद बड़ा हो सकता है, फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले पर सुनवाई चल रही है.
-
Ashwini Vaishnaw की कुर्सी के पीछे की ओर क्यों लगी है कील? | EXCLUSIVE | NDTV World Summit 2026 -
रेलमंत्री वैष्णव ने बताया बुलेट ट्रेन में देरी की क्या रहीं वजहें, जापानी मंत्री के आरोपों का दिया जवाब -
NDTV World Summit 2026 | भारत पर साइबर अटैक का खतरा कितना बड़ा? Microsoft के निकोलस बट्स ने बताया -
AI पर भारत में आएगा कानून, NDTV World Summit में बोले अश्विनी वैष्णव- चंद हफ्तों में आएगा कंसल्टेशन पेपर -
NDTV World Summit 2026: सेमीकंडक्टर, AI और बुलेट ट्रेन पर क्या है भारत का मेगा प्लान? अश्विनी वैष्णव ने बताया -
NDTV World Summit | हाथ से निकल रही है AI की ताकत! Google DeepMind के पूर्व रिसर्चर ने दी चेतावनी -
'भारत के लिए खतरा बिल्कुल रियल': NDTV वर्ल्ड समिट में माइक्रोसॉफ्ट के AI विशेषज्ञ निकोलस बट्स -
भारत में कब बनेगी 'मेड इन इंडिया' चिप? NDTV World Summit में अश्विनी वैष्णव ने बताया -
हाथ से निकल रही है AI की ताकत! Google DeepMind के पूर्व रिसर्चर ने भारत में दी सबसे बड़ी चेतावनी -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद हैं शाहरुख खान, बोलीं- ‘ओम शांति ओम’ के रीमेक में करना चाहती हूं काम
कम नंबर के बाद भी मिल गई सीट
तमिलनाडु में तीसरे राउंड की काउंसलिंग में कई ऐसे मामले सामने आए, जहां कम नंबर लाने के बावजूद पीजी सीटें अलॉट कर दी गईं. पेरम्बलुर के धनलक्ष्मी श्रीनिवासन मेडिकल कॉलेज में एमडी फार्माकोलॉजी के लिए सबसे कम 9 नंबर पर सीट आवंटित की गई. इसी कॉलेज में 800 में से 25 नंबर लाने वाले एक और उम्मीदवार को एमडी कम्युनिटी मेडिसिन की सीट मिल गई. कुल मिलाकर ऐसे 21 उम्मीदवारों को 100 से कम नंबर होने के बावजूद पीजी की सीटें मिल गईं.
कटऑफ में भारी गिरावट
नीट पीजी की 9 हजार से ज्यादा सीटें खाली होने के बाद नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने 2025-26 के लिए कटऑफ में भारी गिरावट की थी. इसमें कटऑफ घटाकर 800 में से 103 नंबर कर दिया गया था. इसके हिसाब से एससी, एसटी और ओबीसी उम्मीदवारों के लिए क्वालीफाइंग स्कोर 800 में से -40 हो गया. यानी माइनस में नंबर लाने वाले आरक्षित उम्मीदवारों को भी पीजी में एडमिशन मिल सकता है.
नीट पीजी परीक्षा MD, MS, और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा में एडमिशन लेने के लिए दी जाती है. हर साल लाखों डॉक्टर इस परीक्षा को देते हैं और फिर उन्हें काउंसलिंग के बाद सीटें अलॉट होती हैं. ये परीक्षा 3.3 घंटे की होती है, जिसमें 200 MCQs होते हैं. हर सवाल 4 नंबर का होता है और गलत जवाब के लिए -1 की नेगेटिव मार्किंग होती है.
बिहार में सरकारी नौकरी की बहार: BPSC TRE 4 के जरिए 46 हजार से ज्यादा पदों पर होगी भर्ती
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं