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NEET 2026: कुलकर्णी- मनीषा मांधरे ने एनटीए से दोनों सेट चुराए, फिर हुई खरीद-फरोख्त, नीट पेपर लीक में बड़ा खुलासा

सीबीआई ने नीट पेपर लीक मामले में पीवी कुलकर्णी और मनीषा गुरुनाथ मांधरे की भूमिका को लेकर बड़ा खुलासा किया है. दोनों आरोपी एनटीए की ‘पेपर वेटिंग टीम’ में शामिल थे. इसकी वजह से उनकी प्रश्न-पत्र तक पहुंच थी.

NEET 2026: कुलकर्णी- मनीषा मांधरे ने एनटीए से दोनों सेट चुराए, फिर हुई खरीद-फरोख्त, नीट पेपर लीक में बड़ा खुलासा
मनीषा गुरुनाथ मांधरे और पीवी कुलकर्णी नीट पेपर लीक के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं.

नीट-2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच में पता चला है कि परीक्षा के लिए तैयार किए गए दोनों प्रश्नपत्र सेट प्रिंटिंग से पहले ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) से लीक हो गए थे. सीबीआई के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक,  3 मई को आयोजित परीक्षा में शामिल प्रश्नपत्र और रिजर्व में रखे गए सेट, दोनों के बायोलॉजी और केमिस्ट्री के सभी सवाल एक क्वेश्चन बैंक से मेल खाते हैं. यह क्वेश्चन बैंक विभिन्न राज्यों में बेचा गया था. जांच में सामने आया है कि असिस्टेंट प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी (केमिस्ट्री) और सीनियर टीचर मनीषा गुरुनाथ मांधरे (बायोलॉजी) ने एनटीए से प्रश्नपत्र चुराए थे. दोनों ही पेपर तैयार करने वाली एक्सपर्ट टीम का हिस्सा थे. सीबीआई को इसी पैटर्न पर फिजिक्स के कुछ सवालों के लीक होने के संकेत भी मिले हैं और एक संदिग्ध की पहचान कर ली गई है.

2 सेट होते हैं तैयार, एक रखा जाता है सुरक्षित

दरअसल, हर साल नीट परीक्षा के लिए दो प्रश्नपत्र सेट तैयार किए जाते हैं. इनमें से कौन सा सेट परीक्षा में इस्तेमाल होगा, इसका फैसला आमतौर पर एनटीए के डायरेक्टर जनरल द्वारा लिया जाता है. दूसरा सेट आपात स्थिति के लिए सुरक्षित रखा जाता है.

पेपर वेटिंग टीम में शामिल थे दोनों आरोपी

सीबीआई के मुताबिक, जिस क्वेश्चन बैंक की खरीद-फरोख्त हुई, उसे कुलकर्णी और मांधरे ने मिलकर तैयार किया था. इस बैंक में बायोलॉजी के 180 और केमिस्ट्री के 90 प्रश्न शामिल थे, जो दोनों आधिकारिक सेट से लिए गए थे. चूंकि इनमें से एक सेट परीक्षा में उपयोग हुआ, इसलिए बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 45 प्रश्न हूबहू मेल खाते पाए गए. 

दोनों आरोपी एनटीए की ‘पेपर वेटिंग टीम' में शामिल थे, जिसका काम प्रश्नों की गहन जांच करना होता है. यही वजह है कि कुलकर्णी को केमिस्ट्री और मांधरे को बायोलॉजी पेपर के प्रश्नों की जानकारी थी. 

एग्जाम पेपर तैयार होने की प्रक्रिया भी जानिए 

नीट प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया पांच चरणों में पूरी होती है. पहले चरण में विषय विशेषज्ञ इतने प्रश्न तैयार करते हैं कि पांच अलग-अलग सेट बन सकें. दूसरे चरण में मॉडरेशन के जरिए इन पांच सेट में से दो सेट चुने जाते हैं. तीसरे चरण में वेटिंग प्रक्रिया के तहत नए विशेषज्ञ प्रश्नों की त्रुटियां सुधारते हैं. चौथे चरण में सभी विषयों के प्रश्नों को एक साथ संकलित किया जाता है. अंतिम चरण में प्रश्नपत्र की प्रिंटिंग होती है.

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