- नीट पेपर लीक मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है, जिससे कई शहरों से नए सबूत सामने आ रहे हैं
- खान सर ने एनटीए को नॉन ट्रस्टेड एजेंसी बताया और इसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं
- उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है, जिनमें कई को दोबारा परीक्षा देना मुश्किल होगा
नीट पेपर लीक केस में राजस्थान के बाद अब कई शहरों से तार जुड़ रहे हैं. मामला सीबीआई ने अपने हाथों में ले लिया है और ताबड़तोड़ कार्रवाई में कई खुलासे भी हो रहे हैं. इस बीच खान सर की भी नाराजगी देखने को मिली है. खान सर ने सीधे नैशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए को आड़े हाथों लेते हुए उसे नॉन ट्रस्टेड एजेंसी करार दिया. खान सर ने कहा कि एनटीए तो टेंपो है, उसे जहाज बनाकर टेकऑफ कराने की कोशिश की जा रही है. खान सर ने इसके अलावा कहा कि एनटीए के अधिकारियों को पहले सजा होनी चाहिए.
'एनटीए एक टेंपो है...'
एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में खान सर के निशाने पर NTA ही रहा. खान सर ने कहा कि NTA अब एक NON TRUSTED AGENCY के नाम से जानी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि हर बार परीक्षा लीक होती है. NTA परीक्षा नहीं करवा पा रही है. पहले NTA ने कोशिश की थी कि इसे दबा देना चाहिए. NTA पर वही कहावत लागू होती है कि NTA टेंपो है. अब इसको जहाज की तरह टेक आफ कराने की कोशिश की जा रही है जो हो नहीं पा रहा है.
'उन बच्चों का तो सोचो...'
खान सर ने खास बातचीत में बताया कि सोचिए बीस लाख बच्चों ने परीक्षा दी, उसमें पांच लाख ऐसे बच्चे होंगे जो प्लेटफार्म पर चटाई बिछाकर रात को सोया होंगे.क्या उनके लिए दोबारा परीक्षा देना आसान होगा? फिर NTA अहसान कर कहती है कि हम फीस वापस कर देंगे. अरे तुम ऐसे बच्चों के फीस हड़प कर लोगे क्या?
'टेलीग्राम सरकार से बड़ा हो गया?'
खान सर ने कहा कि सोचिए कितनी लड़कियों का भविष्य NTA ने बर्बाद किया. आपने ये पेपर नहीं जिंदगी से खिलवाड़ किया है.बहुत सारी ऐसी लड़कियां होंगी जिनकी इस बीच शादी हो जाएगी या घरवाले दोबारा परीक्षा नहीं देने देंगे. सोचिए बच्चों ने बताया कि पेपर लीक हुआ है, NTA कहां था? टेलीग्राम सरकार से बड़ा हो गया है कि सरकार के नीचे टेलीग्राम NTA का मजाक बना कर चला जाता है.
'पेपर लीक की बात बताते बच्चे डरते हैं'
खान सर ने गुस्साए लहजे में कहा कि IIT या UPSC का पेपर लीक नहीं होता है.फिलहाल वहां लीक के सबूत नहीं आए हैं, लेकिन सोचिए अगर बच्चों ने NEET के पेपर लीक का बताया नहीं होता तो क्या NTA पल्ला नहीं झाड़ लेता? पेपर लीक की बात बताते बच्चे डरते हैं कि कहीं उन्हीं के ऊपर मुक़दमा न हो जाए.आपके पकड़े जाने की संभावना कितनी सजा कितनी खतरनाक है, तब ये अपराध नहीं होता है.
खान सर ने कहा कि 2024 में नीट की परीक्षा में गड़बड़ी हुई थी, किसको सजा मिली? आपको पता है पेपर लीक कराने वाले को फांसी की सजा होनी चाहिए. पेपर लीक कराने वाले जब करोड़ों रुपए कमा रहे हैं तो दो साल की सजा में उसका क्या हो रहा है? CBI क्या कर रही थी? सीबीआई के अधिकारी इन बच्चों से सीखें.CBI को बच्चों से ट्रेनिंग लेनी चाहिए.
खान सर ने आगे कहा कि NTA के अधिकारियों को क्या सजा मिलती है बस उनका ट्रांसफ़र हो जाता है.हजार करोड़ पेपर लीक कराने वाले जब कमा रहे हैं तब उनको दो तीन साल के सजा का क्या डर होगा? कुछ कोचिंग वालों ने धंधा बना लिया है उनके पास इतने संसाधन आ गए हैं कि उनको डर नहीं है. पेपर लीक कराने वाले और बच्चों के बीच कुछ कोचिंग वाले शामिल होते हैं. इनकी भी जांच होनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट और PMO निर्देश दें कि तभी जांच निष्पक्ष होगी.हम लोग भी पेपर बनाते हैं लेकिन हमारा लीक नहीं होता नीट का क्यों लीक हो रहा है.
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