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NEET गड़बड़ी केस: अब तक FIR नहीं, जयपुर-सीकर के दो आरोपी रडार पर... 180 में से 125 सवाल गेस पेपर से हुए रिपीट

NEET-2026 गड़बड़ी मामले में अब तक FIR दर्ज नहीं हुई है, लेकिन SOG जांच तेज कर दी है. जयपुर के मनीष और सीकर के राकेश मुख्य संदिग्ध हैं, जबकि नेटवर्क अन्य राज्यों तक फैला होने की आशंका जताई जा रही है.

NEET गड़बड़ी केस: अब तक FIR नहीं, जयपुर-सीकर के दो आरोपी रडार पर...  180 में से 125 सवाल गेस पेपर से हुए रिपीट
  • NEET-2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले की जांच तेज़ी से चल रही है लेकिन अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है.
  • स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने एक दर्जन से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की है और जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है.
  • जांच में जयपुर के मनीष और सीकर के राकेश को आरोपी माना जा रहा है, नेटवर्क अन्य राज्यों तक फैला हो सकता है.
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नई दिल्ली:

NEET-2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में जांच तेज हो गई है, लेकिन अब तक इस पूरे प्रकरण में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है. स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने अब तक एक दर्जन से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की है और जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है.

सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में जयपुर के मनीष और सीकर के राकेश को मुख्य किरदार माना जा रहा है. एसओजी की जांच में शुरुआती संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार अन्य राज्यों तक भी फैले हो सकते हैं.

प्रिंटिंग प्रेस की भूमिका पर भी सवाल

जांच एजेंसियों को शक है कि कथित 'गेस पेपर' तैयार करने और उसे छात्रों तक पहुंचाने में प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े कर्मचारियों और अंदरूनी लोगों की भूमिका भी हो सकती है. इसी एंगल से अब जांच आगे बढ़ाई जा रही है. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह गेस पेपर किसने तैयार किया और सबसे पहले यह किन लोगों तक पहुंचा.

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बताया जा रहा है कि एसओजी मामले से जुड़े सभी साक्ष्य इकट्ठा कर रही है और जल्द ही इन्हें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भेजा जाएगा, ताकि आगे कानूनी कार्रवाई के लिए आधार तैयार किया जा सके.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, NEET-2026 परीक्षा से एक दिन पहले कथित रूप से एक ‘गेस पेपर' छात्रों के बीच पहुंचा था, जिसमें 180 में से करीब 125 सवाल असली परीक्षा के प्रश्नों से मेल खाते पाए गए. इस खुलासे के बाद हड़कंप मच गया और गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए जांच शुरू की गई.

संयोग या बड़े रैकेट का हिस्सा

एसओजी और एटीएस की टीम सीकर समेत कई जगहों पर हॉस्टलों और कोचिंग संस्थानों में पूछताछ कर चुकी है. छात्रों के मोबाइल, चैट रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह सिर्फ संयोग था या किसी बड़े पेपर लीक रैकेट का हिस्सा.

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गौरतलब है कि परीक्षा वाले दिन ही कुछ छात्रों ने सीकर के उद्योग नगर थाने में शिकायत दी थी, लेकिन उस समय इसे गंभीरता से नहीं लिया गया. बाद में छात्रों ने सबूतों के साथ NTA को ईमेल किया, जिसके बाद एजेंसियां सक्रिय हुईं.

हालांकि, NTA के स्थानीय को-ऑर्डिनेटर ने अब तक किसी आधिकारिक गड़बड़ी या शिकायत से इनकार किया है और कहा है कि परीक्षा प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई. फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं.

राहुल गांधी ने साधा निशाना

इस मामले को लेकर राहुल गांधी ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘नीट 2026 के पेपर लीक की खबर सुनी. परीक्षा नहीं - नीट अब नीलामी है. कई सवाल परीक्षा से 42 घंटे पहले वॉट्सऐप पर बिक रहे थे. 22 लाख से ज्यादा बच्चे साल भर रात-रात भर आंखें जलाकर पढ़ते रहे और एक रात में उनका भविष्य बाजार में सरेआम नीलाम हो गया.' उन्होंने कहा, ‘यह पहली बार नहीं है. 10 साल में 89 पेपर लीक, 48 बार दोबारा परीक्षा. हर बार वही वादे, और फिर वही खामोशी.'

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