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NEET UG Cancel होने पर NDTV से बोले कोटा के छात्र और परेशान अभिभावक - 'मेहनत बेकार, अब सिर्फ फ्रस्ट्रेशन'

NDTV EXCLUSIVE ON NEET UG EXAM 2026 : ग्राउंड जीरो पर मौजूद स्टूडेंट्स और एक्सपर्ट्स का अब एक ही मानना है कि ऑफलाइन पेपर (Pen-Paper mode) ही धांधली की मुख्य वजह है. छात्रों का सुझाव है कि अब समय आ गया है जब NEET को भी JEE की तरह CBT (Computer Based Test) मोड में ले जाना चाहिए.

सिर्फ बच्चे ही नहीं, उनके माता-पिता भी इस व्यवस्था से टूट चुके हैं.

NEET UG Exam Cancelled 2026 : आज एनटीए ने पेपर लीक खबरों के बीच देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET) को निरस्त कर दिया है. जिसके बाद से कोटा की सड़कों पर सन्नाटा है, लेकिन छात्रों के दिलों में आक्रोश का उबाल है. NDTV से खास बातचीत में छात्रों और उनके अभिभावकों ने अपना दर्द बयां करते हुए सिस्टम की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. साल भर की कड़ी मेहनत के बाद पेपर लीक और फिर परीक्षा कैंसिल होने की खबर ने इनके सपनों को तोड़ दिया है. साथ ही अभिभावकों को भी निराश कर दिया है. 

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मेहनत बेकार, अब सिर्फ फ्रस्ट्रेशन

एनडीटीवी से बातचीत में नीट परीक्षार्थी अलि अर्मान कहते हैं, "एक स्टूडेंट पूरे साल मानसिक रूप से इस तैयारी में लगा रहता है. किसी का यह दूसरा प्रयास होता है. हम सोचते हैं कि इस बार सिलेक्शन हो जाएगा, लेकिन अंत में पता चलता है कि सिस्टम की कमियों ने हमारी मेहनत को लील लिया. अब दोबारा उसी दबाव से गुजरना होगा, जो किसी मानसिक प्रताड़ना से कम नहीं है."

कई छात्रों का मानना है कि परीक्षा के दस दिन बाद जब वे थोड़ा रिलैक्स हुए थे, अचानक आई इस खबर ने उन्हें सुन्न कर दिया है. 465 का स्कोर करने वाले एक छात्र ने बताया, "अब फिर से वही किताबें, वही सवाल और वही प्रेशर. जो पढ़ा था, वह भी दिमाग से धुंधलाने लगा है. क्या गारंटी है कि अगली बार पेपर लीक नहीं होगा?"

अभिभावकों की चिंता: 'पैरों तले खिसक गई जमीन'

सिर्फ बच्चे ही नहीं, उनके माता-पिता भी इस व्यवस्था से टूट चुके हैं. कोटा पहुंचे एक अभिभावक ने रूंधे हुए गले से कहा कि मेरी बेटी ने 12वीं के साथ ही 600-700 का स्कोर करने की तैयारी की थी. एक मिडिल क्लास फैमिली के लिए कोटा का खर्च उठाना ही बड़ी बात है. जब NTA ने दावा किया था कि कोई गड़बड़ी नहीं होगी, तो हमने भरोसा किया. अब दोबारा सब मैनेज करना हमारे और बच्चे, दोनों के लिए नामुमकिन जैसा है."

CBT की उठ रही मांग: क्या ऑनलाइन मोड है समाधान?

ग्राउंड जीरो पर मौजूद स्टूडेंट्स और एक्सपर्ट्स का अब एक ही मानना है कि ऑफलाइन पेपर (Pen-Paper mode) ही धांधली का मेन कारण है. छात्रों का सुझाव है कि अब समय आ गया है जब NEET को भी JEE की तरह CBT (Computer Based Test) मोड में ले जाना चाहिए. 

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