लंबे विवाद और सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद अब NCERT ने कक्षा 8 की सोशल साइंस की नई किताब जारी कर दी है. इस किताब से सुप्रीम कोर्ट को लेकर विवादित चैप्टर को हटा दिया गया है, हालांकि इसकी जगह सुप्रीम कोर्ट के कामकाज और बाकी चीजों को शामिल किया गया है. NCERT ने ये कदम सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के कुछ महीनों बाद उठाया है, जिसमें कोर्ट ने 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' से जुड़े एक विवादित हिस्से के कारण पुरानी किताब को वापस लेने के लिए कहा था. भ्रष्टाचार और पेंडिंग मामलों से जुड़े हिस्सों को पूरी तरह से हटा दिया गया है. इसकी जगह जनहित याचिका (PIL) और ट्रिब्यूनल के बारे में नई जानकारियां जोड़ी गई हैं.
नई किताब में क्या-क्या बदला है?
- पुरानी किताब में पूछा गया था कि एक स्वतंत्र न्यायपालिका क्यों जरूरी है?, वहीं अब नई किताब में इसे बदलकर पूछा गया है कि एक न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण समाज के लिए न्याय क्यों जरूरी है?
- 'न्यायिक प्रणाली के सामने चुनौतियां' नाम का पूरा हिस्सा हटा दिया गया है. पुरानी किताब में इसमें बताया गया था कि अदालतों में मुकदमों का बहुत बड़ा अंबार लगा है और इसकी वजह जजों की कमी, लंबी प्रक्रियाएं और कमजोर बुनियादी ढांचा है.
- 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' नाम का पूरा सेक्शन भी हटा दिया गया है, जिसमें पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस बीआर गवई के एक बयान का हवाला देकर न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की बात कही गई थी.
- किताब से वो हिस्सा भी हटा दिया गया है जो ये समझाता था कि एक स्वतंत्र न्यायपालिका कैसे नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करती है और कैसे संविधान जजों को सरकार या नेताओं के दखल से दूर रखता है.
- क्लास में चर्चा के लिए रखे गए दो ऐतिहासिक फैसलों को भी हटा दिया गया है. इनमें पहला फैसला 'श्रेया सिंघल बनाम भारत संघ' और दूसरा, 'एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) बनाम भारत संघ' था.
किताब में क्या नया जोड़ा गया है?
विवादित हिस्सों को हटाकर किताब में जनहित याचिका (PIL) पर एक नया और विस्तृत सेक्शन जोड़ा गया है. इसमें बताया गया है कि कैसे सुप्रीम कोर्ट ने जनता से जुड़े जरूरी मुद्दों को सुलझाने के लिए PIL की शुरुआत की थी. उदाहरण के लिए तीन बड़े मामलों का जिक्र किया गया है. जिनमें-
- हुसैनआरा खातून मामला: जेलों में बंद उन कैदियों के लिए जिन पर अभी मुकदमा चल रहा था
- एमसी मेहता मामला: पर्यावरण की सुरक्षा के लिए.
- विशाखा फैसला: काम करने वाली जगहों पर महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए
पहली किताब पर क्या था विवाद?
NCERT ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब को दो भागों में निकाला था. पहला भाग जुलाई 2025 में आया और दूसरा भाग 23 फरवरी 2026 को जारी हुआ था. दूसरे भाग में शामिल एक चैप्टर की खूब चर्चा हुई, जिसका टाइटल 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' था. इसके बाद मामले का खुद सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया और विवादित हिस्सा हटाने के लिए कहा गया. NCERT ने उसी दिन इस गलती के लिए माफी मांगी और कहा कि इसे हटा दिया जाएगा. इसके बाद किताब को हर जगह से हटा दिया गया.
बनाई गई थी एक्सपर्ट कमेटी
नई किताब की शुरुआत में ये माना गया है कि इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत दोबारा तैयार किया गया है. शिक्षा मंत्रालय की तरफ से बनाई गई एक एक्सपर्ट कमेटी ने 'समाज में न्यायपालिका की भूमिका' (The Role of the Judiciary in Society) नाम के इस चौथे चैप्टर को दोबारा लिखा है. इस मामले की अगली सुनवाई अब 14 जुलाई को होनी है.
कवर में भी दिखा फटकार का असर
किताब में मौजूद चैप्टर में तो बदलाव किया ही गया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की फटकार का असर अब किताब के कवर पेज पर भी दिख रहा है. इसे दोबारा डिजाइन किया गया है और इसके ऊपरी हिस्से पर सुप्रीम कोर्ट की तस्वीर को बड़ा करके दिखाया गया है, जबकि पुराने कवर में ये तस्वीर नीचे और थोड़ी छोटी दिखाई गई थी.
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