विज्ञापन

साड़ी पहनकर नंगे पांव दौड़ने वाली कविता महतो का टूटा सपना, होमगार्ड भर्ती से हुई बाहर

Jharkhand Kavita Mahto Story: होमगार्ड की भर्ती में साड़ी पहनकर नंगे पांव दौड़ लगाने वालीं कविता महतो का सपना टूट चुका है. हाई जंप में उन्हें तीन मौके दिए गए, लेकिन वो इस बाधा को पार नहीं कर पाईं.

साड़ी पहनकर नंगे पांव दौड़ने वाली कविता महतो का टूटा सपना, होमगार्ड भर्ती से हुई बाहर
साड़ी पहनकर दौड़ लगाने वाली झारखंड की कविता महतो का टूटा सपना

नंगे पांव साड़ी पहनकर दौड़ती हुई एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर आपने जरूर देखा होगा. झारखंड की रहने वालीं कविता महतो ने होमगार्ड भर्ती में कुछ ऐसी दौड़ लगाई कि उनकी इस मेहनत को पूरे देश ने सलाम किया. बिना जूतों के उन्होंने 1600 मीटर की दौड़ साड़ी पहनकर ही पूरी कर ली थी, लेकिन अब वो एक टेस्ट में चूक गई हैं और नौकरी का मौका हाथ से जा चुका है. दो बच्चों की मां कविता के पति की मौत हो चुकी है और वो खुद पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभालती हैं. फिलहाल उनका सरकारी नौकरी पाने का सपना अधूरा रह गया है. 

हाई जंप में चूकने से टूटा सपना

कविता महतो ने 10 मिनट की डेडलाइन में पूरी होने वाली 1600 मीटर की दौड़ महज 8 मिनट 57 सेकेंड में ही पूरी कर ली थी. इस दौरान सोशल मीडिया पर उनका वीडियो खूब शेयर हुआ और लोगों ने उनकी मेहनत की तारीफ की. उनके संघर्ष की कहानी भी खूब चली और लोग सरकार से उन्हें नौकरी देने की मांग भी करने लगे. हालांकि होमगार्ड भर्ती में जब हाई जंप वाली परीक्षा आई तो इसमें कविता फेल हो गईं. उन्हें इसके लिए तीन मौके मिले, लेकिन वो हाई जंप पूरा नहीं कर पाईं. इसके साथ ही उनका सपना भी टूट गया. इस परीक्षा में कुल 930 महिला अभ्यर्थी शामिल होने पहुंची थीं.

ऐसा रहा कविता का संघर्ष

झारखंड के रामगढ़ जिले की रहने वालीं कविता महतो का सफर काफी ज्यादा संघर्ष भरा रहा है. कुछ साल पहले पति की मौत के बाद अचानक उनके कंधों पर दो बच्चों और बूढ़े सास-ससुर की जिम्मेदारी आ गई. आर्थिक तंगी इतनी कि तीन वक्त का खाना भी ठीक से नसीब नहीं हो रहा था. ऐसे में जब होमगार्ड की भर्ती निकली और पता चला कि दौड़ लगानी है तो कविता महतो बिना चप्पल या जूतों के वहां पहुंच गईं और नंगे पांव ही दौड़ लगा दी. परिवार का सहारा बनने और अपने पैरों पर खड़े होने की उम्मीद में वह इस परीक्षा में शामिल हुई थीं.

सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कई लोगों ने कविता की मदद के लिए हाथ बढ़ाया, ताकि वह अपनी तैयारी जारी रख सकें और परिवार का सहारा बन सकें. 1600 मीटर की दौड़ में उनकी सफलता ने उम्मीद जगाई थी, लेकिन हाई जंप में असफलता के कारण उनका चयन नहीं हो सका. कविता की कहानी संघर्ष, हौसले और उन चुनौतियों को सामने लाती है, जिनका सामना आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए करना पड़ता है.

यह भी पढ़ें | जज ने पुलिस अफसर को 45 मिनट तक खड़ा रखा, जानें कौन हैं मेरठ के SSP संतोष मूर्ति

यह भी पढ़ें | हाथ में फीता लेकर सड़क मापने वाली लेडी IAS, शिवहर की तेज-तर्रार डीएम प्रतिभा रानी कौन हैं?

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Kavita Mahato, Jharkhand News, Jharkhand Home Guard Recruitment
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com