जब कभी भी देश के एजुकेशनल संस्था का जिक्र आता है, तो उसमें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) का नाम जरूर आता है. हर साल हजारों छात्र आवेदन करते हैं. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में कोर्स एडमिशन में SC, ST, OBC-NCL, EWS और PWD छात्रों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं. जो भी छात्र यहां दाखिला लेने चाहते हैं, उन्हें इसके बारे में जानकारी होनी चाहिए. JNU में SC श्रेणी के छात्रों को 15% और ST छात्रों को 7.5% आरक्षण मिलता है. इसके लिए मान्यता प्राप्त अधिकारी की तरफ से जारी जाति प्रमाणपत्र आवश्यक है, जिसमें छात्र का नाम, जाति, राज्य और यह पुष्टि शामिल होनी चाहिए. यदि किसी छात्र के पास आवेदन समय पर प्रमाणपत्र न हो, तो वह आवेदन की रसीद जमा कर सकता है. लेकिन अंतिम एडमिशन से पहले मूल प्रमाण-पत्र देना जरूरी होता है. यदि कोई SC/ST छात्र सामान्य मेरिट से चुन लिया जाता है, तो उसे आरक्षित सीटों में शामिल नहीं किया जाता.
ओबीसी के लिए रिजर्वेशन
OBC छात्रों को 27% आरक्षण मिलता है. OBC-NCL का प्रमाणपत्र केंद्र सरकार की सूची के अनुरूप होना चाहिए और यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि छात्र नॉन-क्रीमी लेयर में आता है.
PWD कैटेगरी के लिए आरक्षण
विकलांग (PWD) छात्रों के लिए JNU में 5% आरक्षण है. यह आरक्षण उन्हें दिया जाता है जिनकी न्यूनतम 40% विकलांगता होती है.
EWS को मिलता है फायदा
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए भी JNU में 10% आरक्षण निर्धारित है. यह उन छात्रों को मिलता है जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 8 लाख रुपये से कम हो और जिनके पास बड़े कृषि क्षेत्र, बड़े आवासीय प्लॉट या बड़े आकार का फ्लैट जैसी संपत्ति न हो. EWS प्रमाणपत्र भी अधिकृत अधिकारी ही जारी करते हैं.
शिक्षकों के बच्चों के लिए
विश्वविद्यालय ने शिक्षकों के बच्चों के लिए 5% सीटों का आरक्षण तय किया है.पहले यह प्रावधान केवल गैर-शिक्षण कर्मचारियों के बच्चों के लिए लागू था.
विदेशी छात्रों के लिए
विदेशी छात्रों के लिए 20% सीटें अलग से दी जाती है, इसके आवेदन की प्रक्रिया अलग से है. फीस डॉलर में भी ली जाती है.
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