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दो साल के लिए हर महीने मिलेंगे 1 लाख रुपये, जानें किसे मिलती है जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप

Jawaharlal Nehru Fellowship: जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप के लिए हर साल कई लोग आवेदन करते हैं, लेकिन कुछ ही लोगों को ये फेलोशिप दी जाती है. इसमें दो साल तक के लिए एक लाख रुपये का स्टाइपेंड मिलता है.

दो साल के लिए हर महीने मिलेंगे 1 लाख रुपये, जानें किसे मिलती है जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप
जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप के लिए कौन कर सकता है आवेदन

दो साल तक हर महीने एक लाख रुपये वाली फेलोशिप कौन नहीं पाना चाहेगा, लेकिन हर साल ये मौका कुछ गिने-चुने लोगों को ही मिल पाता है. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड की तरफ से ये कमाल की फेलोशिप दी जाती है. ह्यूमैनिटीज से लेकर बाकी तमाम विषयों के स्कॉलर्स को ये जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप दी जाती है. सबसे खास बात ये है कि इसमें कोई भी आयुसीमा नहीं है. ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि ये खास फेलोशिप किसे दी जाती है और इसके लिए आवेदन कैसे कर सकते हैं. 

क्या है जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप?

भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की याद में ये फेलोशिप दी जाती है. इसमें उन लोगों को शामिल किया जाता है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में कमाल का काम किया हो या फिर कोई इनोवेटिव रिसर्च की हो. आमतौर पर इसके दायरे में लेखक, सिविल सर्वेंट और पत्रकार आते हैं. साइंस, ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंस जैसे विषयों के लिए भी ये फेलोशिप है. 

एक लाख रुपये का स्टाइपेंड 

इस फेलोशिप में एक लाख रुपये का स्टाइपेंड दिया जाता है, जिस पर किसी भी तरह का टैक्स भी नहीं लगता है. ये फेलोशिप दो साल की है, यानी दो साल तक हर महीने एक लाख रुपये दिए जाते हैं. इसके अलावा ट्रैवल और इमरजेंसी के लिए 75 हजार रुपये अलग से दिए जाते हैं. इसका मकसद चुने हुए लोगों को उनके क्षेत्र में आगे बढ़ाने और उनकी आर्थिक मदद करना है. 

कौन कर सकता है आवेदन?

अगर आप भारत के नागरिक हैं तो आप इस फेलोशिप के लिए एलिजबल होंगे. इसके लिए आवेदन वही लोग कर सकते हैं, जिन्होंने अपने क्षेत्र में कमाल के काम किए हों या फिर कोई क्रिएटिव प्रोजेक्ट पूरा करने की इच्छा रखते हों. कुल मिलाकर अपनी रिसर्च को आगे बढ़ाने और मंजिल तक पहुंचाने में ये फेलोशिप मदद करती है. इसके लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं होते हैं, जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड के आधिकारिक पते पर अपने सभी दस्तावेजों के साथ आवेदन भेजना होता है.

साल 1968 में पहली बार ये फेलोशिप दी गई थी, इसके बाद से अब तक कुल 155 फेलोशिप दी जा चुकी है. जवाहर लाल नेहरू के नाम से कई तरह की स्कॉलरशिप दी जाती हैं, ये उनमें से सबसे पुरानी फेलोशिप है. 

उम्मीदवारों को कैसे चुना जाता है?

फेलोशिप के लिए उम्मीदवारों का चयन तमाम क्षेत्रों के दिग्गजों के साथ बनाई गई एक कमेटी करती है. इसमें देखा जाता है कि उम्मीदवार ने किस हद तक अपनी रिसर्च की है या फिर किसी खास क्षेत्र में काम किया है. 

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