जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पिछले कई दिनों से छात्रों का प्रदर्शन और भूख हड़ताल चल रही थी, इसी बीच जामिया प्रशासन की तरफ से छात्रों की मांगों को मानते हुए ऐलान किया गया कि 15 दिनों के भीतर छात्रसंघ के चुनाव कराए जाएंगे. इसके साथ ही ये भी माना गया कि अब छात्रों का धरना खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. छात्र अब भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं और प्रशासन ने उन्हें कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है. ऐसे में NDTV ने जामिया के उन छात्रों से बातचीत की, जो भूख हड़ताल पर बैठे हैं. हमने उनसे ये पूछा कि छात्रसंघ चुनावों की मांग पूरी होने के बावजूद वो धरना खत्म क्यों नहीं कर रहे हैं.
जामिया ने दिया अल्टीमेटम
जामिया प्रशासन की तरफ से कहा गया कि तुरंत छात्र नॉर्थ कैंपस को खाली करें, ऐसा नहीं करने पर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है. प्रदर्शनकारियों को तुरंत यूनिवर्सिटी कैंपस की गुलिस्तां-ए-गालिब बिल्डिंग और गालिब लॉन खाली करने का आदेश दिया गया है. यानी जामिया का ये मुद्दा और ज्यादा तूल पकड़ सकता है.

छात्रों ने बताया क्यों कर रहे प्रोटेस्ट
जामिया में भूख हड़ताल पर बैठे छात्र रेहान हैदर ने एनडीटीवी से बात करते हुए बताया कि वो क्यों अपना धरना खत्म नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "हमारी असल मांगों को नहीं माना गया है. हमारी छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग थी, जिसे लेकर प्रशासन ने काफी वेग चीजें कही हैं. हम चाहते हैं कि इसकी पक्की तारीख और समय बताया जाए. जामिया प्रशासन ने कहा है कि 20 दिसंबर से पहले कॉन्स्टिट्यूशन ड्राफ्ट होगा, इसके बाद वो अप्रूव होगा और इसके 15 दिन बाद चुनाव होंगे. हमारी ये डिमांड है कि जैसे ड्राफ्ट की डेडलाइन दी गई है, वैसे ही इसके अप्रूवल की भी डेडलाइन दी जाए. क्या भरोसा है कि कब तक ड्राफ्ट को अप्रूव किया जाएगा? क्योंकि अप्रूवल को लेकर तो कोई भी लीगल बाउंडेशन नहीं है."

जामिया में धरना दे रहे रेहान ने आगे कहा, "प्रशासन ने कहा है कि ड्राफ्ट अप्रूव होने के 15 दिन बाद इलेक्शन होगा. इसे After की जगह within 15 दिन किया जाए. इसके अलावा हमारा दूसरी मांग रिवोकेशन की थी. इसमें सिर्फ सस्पेंशन और शो कॉज का रिवोकेशन हुआ है. जिस छात्र पर कैंपस बैन लगा है, जिस पर किसी तरह की पाबंदियां लगी हैं, उन्हें लेकर कोई लिखित आश्वासन नहीं दिया गया है." इसके अलावा चीफ प्रॉक्टर असद मलिक का इस्तीफा भी छात्र मांग रहे हैं.
फिलहाल चलेंगी ऑनलाइन क्लासेस
जामिया प्रशासन की तरफ से बताया गया है कि अगले आदेश तक सभी कोर्सों की क्लासेज ऑनलाइन चलाई जाएंगीं. यानी कैंपस के माहौल को देखते हुए बाकी छात्रों को बुलाने का इरादा फिलहाल प्रशासन का नहीं है. साथ ही जामिया प्रशासन की तरफ से धरने पर बैठे छात्रों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है. बता दें कि जामिया में आखिरी बार छात्रसंघ के चुनाव 2006 में हुए थे.
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