Jamia Hamdard University Protest: UGC के नए नियमों पर बवाल के बीच दिल्ली की जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी में भी माहौल काफी गर्म है. मेडिकल स्टूडेंट्स का गुस्सा उस समय खुलकर सामने आ गया, जब बड़ी संख्या में छात्रों ने कुलपति ऑफिस के बाहर धरना और प्रदर्शन किया. छात्र पढ़ाई, परीक्षा, रिजल्ट और डिग्री में देरी की वजह से परेशान हैं. उनका कहना है कि वे लंबे समय से चुप थे, लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि आवाज उठाना मजबूरी बन गया है.
छात्र आखिर नाराज क्यों हैं
मेडिकल छात्रों के मुताबिक, यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े कॉलेज के बीच चल रहे अंदरूनी प्रशासनिक विवाद का नुकसान उन्हें झेलना पड़ रहा है. इस खींचतान की वजह से न सिर्फ पढ़ाई प्रभावित हुई है, बल्कि MBBS और पीजी की सीटें भी बंद कर दी गई हैं. परीक्षाएं समय पर नहीं हो पा रहीं, रिजल्ट लटक रहे हैं और पासआउट हो चुके छात्रों को अब तक डिग्री नहीं मिली है. कई छात्रों का कहना है कि वे आगे की पढ़ाई तक नहीं कर पा रहे हैं.
हम लड़ाई नहीं, भविष्य चाहते हैं- छात्र
छात्र संघ अध्यक्ष लक्ष्य शर्मा का कहना है कि छात्र किसी तरह का टकराव नहीं चाहते हैं. उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि उनका भविष्य सुरक्षित किया जाए. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक लड़ाई में छात्रों को मोहरा बनाया जा रहा है, जो बिल्कुल गलत है. छात्रों के अनुसार, मेडिकल जैसी पढ़ाई में हर दिन की देरी भारी पड़ती है. क्लिनिकल ट्रेनिंग, इंटर्नशिप और आगे की पढ़ाई सब कुछ टाइम से जुड़ा होता है और यहां सब पटरी से उतर चुका है.
छात्रों की मुख्य मांगें क्या हैं
- प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि सभी पेंडिंग एग्जाम्स और उनके रिजल्ट तुरंत घोषित किए जाएं.
- जो छात्र पास हो चुके हैं, उन्हें बिना और देरी के डिग्री दी जाए.
- बंद की गई एमबीबीएस और पीजी सीटों को दोबारा खोला जाए और पढ़ाई-क्लिनिकल ट्रेनिंग में किसी तरह की रुकावट न आए.
- छात्र ये भी चाहते हैं कि यूनिवर्सिटी और कॉलेज के बीच चल रहे विवाद को पूरी तरह छात्रों से अलग रखा जाए, ताकि उनकी पढ़ाई पर असर न पड़े.
क्या अभी भी प्रदर्शन चल रहा है?
छात्रों के बढ़ते विरोध को देखते हुए यूनिवर्सिटी के सीनियर अधिकारी और प्रोफेसर ने उनसे बातचीत की. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि छात्रों के हितों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा. इस आश्वासन के बाद छात्रों ने फिलहाल अपना धरना अस्थायी रूप से रोक दिया, लेकिन पूरी तरह पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. लक्ष्य शर्मा ने चेतावनी दी है कि अगर तय समय में मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया,तो छात्र दोबारा आंदोलन शुरू करेंगे. उनका कहना है कि यह सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि अपने करियर को बचाने की लड़ाई है.
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