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96% लड़कियां पढ़ी-लिखीं, इनोवेशन के टॉप देशों में शुमार, इस्लामिक देशों के बीच क्यों नजीर है ईरान

ईरान के विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों में 49% से 50% से अधिक लड़कियां हैं. कई इंजीनियरिंग और विज्ञान (STEM) पाठ्यक्रमों में लड़कियों की संख्या लड़कों से ज्यादा है. पीएचडी और रिसर्च जैसी उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी में ईरान ने कई देशों को पीछे छोड़ रखा है.

96% लड़कियां पढ़ी-लिखीं, इनोवेशन के टॉप देशों में शुमार, इस्लामिक देशों के बीच क्यों नजीर है ईरान
कई इंजीनियरिंग और विज्ञान (STEM) पाठ्यक्रमों में लड़कियों की संख्या लड़कों से ज्यादा है.

ईरान का नाम सुनकर लोगों को लगता है कि यहां की महिलाएं शिक्षित नहीं होगी. अगर आपकी भी यही सोच है तो ये एकदम गलत है. क्योंकि उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी के मामले में ईरान, सऊदी अरब और पाकिस्तान जैसे देशों से काफी आगे है. ईरान में 1979 की क्रांति के बाद महिलाओं की शिक्षा पर काफी काम किया गया. उसका नतीजा है कि ईरान में महिलाओं के साक्षरता दर में एकदम से इजाफा देखने को मिला है. जहां 1976 में महिलाओं की साक्षरता दर मात्र 35.5% थी, वो 2023-26 के आंकड़ों के अनुसार बढ़कर 96% से अधिक हो गई है. ये आंकडे साफ दिखाते हैं कि महिलाओं की शिक्षा पर काफी ध्यान दिया गया है.

साक्षरता दर में अभूतपूर्व वृद्धि

ईरान के विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों में 49% से 50% से अधिक लड़कियां हैं. कई इंजीनियरिंग और विज्ञान (STEM) पाठ्यक्रमों में लड़कियों की संख्या लड़कों से ज्यादा है. पीएचडी और रिसर्च जैसी उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी में ईरान ने कई देशों को पीछे छोड़ रखा है.

ईरान में 1979 की क्रांति के बाद शिक्षा को ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाने के लिए 'साक्षरता अभियान' (Literacy Movement) चलाया गया.

युवा साक्षरता (15-24 वर्ष): इस आयु वर्ग में लड़कियों की साक्षरता दर 99% के करीब पहुंच चुकी है, जो वैश्विक औसत (90%) से कहीं अधिक है.

तुलनात्मक बदलाव: 1976 में केवल 35% महिलाएं साक्षर थीं, जो आज बढ़कर 96% (10-49 आयु वर्ग) हो गई है. यह 2.5 गुना की वृद्धि किसी भी देश के लिए एक रिकॉर्ड है.

विश्वविद्यालयों में लड़कियों का दबदबा

ईरान के उच्च शिक्षा संस्थानों में लड़कियों की मौजूदगी लड़कों के बराबर या उनसे अधिक है. वर्तमान में ईरान के विश्वविद्यालयों में लगभग 49% से 50% छात्र महिलाएं हैं. कई सालों तक यह आंकड़ा 60% तक भी रहा है.

प्रतिस्पर्धा: नेशनल एंट्रेंस एग्जाम (Konkur) में बैठने वाले और सफल होने वाले उम्मीदवारों में लड़कियों की संख्या अक्सर लड़कों से ज्यादा होती है.

STEM (विज्ञान और इंजीनियरिंग) में नजीर

पश्चिमी देशों में अक्सर लड़कियों को विज्ञान और गणित (STEM) से दूर देखा जाता है, लेकिन ईरान यहां एक अपवाद पेश करता है:

विज्ञान स्नातक: ईरान में विज्ञान (Science) के कुल स्नातकों में से लगभग 70% महिलाएं हैं.

इंजीनियरिंग जैसे कठिन क्षेत्रों में भी महिलाओं की भागीदारी 25% से अधिक है, जो अमेरिका (लगभग 18-20%) जैसे देशों से भी बेहतर स्थिति में है.

शोध और आविष्कार: ईरान में लगभग 24% पेटेंट (Inventions) महिलाओं के नाम दर्ज हैं, जबकि वैश्विक औसत मात्र 17% है.

4. चिकित्सा और अनुसंधान में भागीदारी

डॉक्टर और शोधकर्ता: ईरान में बड़ी संख्या में महिलाएं डॉक्टर, सर्जन और चिकित्सा शोधकर्ता हैं. ईरान की सबसे अधिक उद्धृत (Most-cited) शोधकर्ताओं में 13% से अधिक महिलाएं हैं.

नैनो-टेक्नोलॉजी: हाई-टेक क्षेत्रों जैसे नैनो-टेक्नोलॉजी और स्टेम सेल रिसर्च में ईरानी महिला वैज्ञानिकों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है.

शिक्षा बनाम रोजगार: एक बड़ी चुनौती

भले ही शिक्षा में लड़कियां बहुत आगे हैं, लेकिन उनके सामने कुछ गंभीर चुनौतियां भी हैं:

बेरोजगारी: उच्च शिक्षित होने के बावजूद, महिलाओं की श्रम शक्ति भागीदारी (Labor Force Participation) केवल 13-15% के आसपास है. यानी डिग्री होने के बाद भी उन्हें नौकरी मिलने में कठिनाई होती है.

ग्लास सीलिंग: शिक्षण और चिकित्सा में महिलाएं बहुत सफल हैं, लेकिन उच्च प्रबंधन (Leadership) और नीति निर्धारण के पदों पर उनकी संख्या अभी भी कम है.

आर्थिक बाधा: हाल के वर्षों (2024-2026) में बढ़ती गरीबी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों के स्कूल छोड़ने (Drop-out) की दर में थोड़ी वृद्धि देखी गई है.

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