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JEE Main रिजल्ट के बाद कैसे करें एडवांस्ड की तैयारी, ये होता है सिलेबस

JEE Main Result: जेईई एडवांस का पैटर्न जेईई मेन्स से अलग और ज्यादा कॉन्सेप्ट बेस्ड होता है. इसलिए इस एग्जाम स्मार्ट तैयारी ही सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होती है.

JEE Main रिजल्ट के बाद कैसे करें एडवांस्ड की तैयारी, ये होता है सिलेबस
जेईई एडवांस की तैयारी ऐसे करें

JEE Main Result: जेईई मेन्स का रिजल्ट आते ही स्टूडेंट्स के मन में सबसे बड़ा सवाल होता है कि अब आगे क्या? जो उम्मीदवार जेईई एडवांस 2026 के लिए क्वालीफाई करते हैं, उनके पास तैयारी के लिए लिमिटेड लेकिन बेहद अहम समय होता है. इस दौर में घबराने की बजाय सही प्लान, डिसिप्लिन और सिलेबस से जुड़ी क्लियरिटी रखना सबसे जरूरी है. जेईई एडवांस का पैटर्न जेईई मेन्स से अलग और ज्यादा कॉन्सेप्ट बेस्ड होता है. इसलिए इस एग्जाम स्मार्ट तैयारी ही सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होती है.

ऐसे करें जेईई एडवांस की  तैयारी

जेईई एडवांस सिर्फ स्पीड का नहीं, बल्कि गहरी समझ और एनालिटिकल सोच का एग्जाम है. इसलिए इस परीक्षा में रटने से ज्यादा जरूरी है कॉन्सेप्ट क्लियर करना. कॉन्सेप्ट जितने क्लियर होंगे. इस परीक्षा के सवालों को हल करना उतना ही आसान भी होगा. साथ ही अपनी तैयारी की स्ट्रेटजी में भी थोड़े बदलाव करने होंगे. आप कुछ इस तरह तैयारी कर सकते हैं.

• रोज का एक फिक्स स्टडी रूटीन बनाएं.
• जिसमें तीनों सब्जेक्ट, फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स को बराबर समय मिले.
• छोटे ब्रेक लें ताकि फोकस बना रहे और ओवरलोड महसूस न हो.
• रेगुलर रिवीजन करें.
• छोटे छोटे नोट्स बनाएं और मॉक टेस्ट से अपनी प्रोग्रेस जांचते रहें.
• शांत दिमाग और सही दिशा में की गई मेहनत जेईई एडवांस में बड़ा फर्क ला सकती है.

फिजिक्स सिलेबस- कॉन्सेप्ट सबसे अहम

जेईई एडवांस फिजिक्स सिलेबस में मैकेनिक्स, इलेक्ट्रिसिटी एंड मैग्नेटिज्म, ऑप्टिक्स, थर्मल फिजिक्स, मॉडर्न फिजिक्स जैसे टॉपिक्स शामिल हैं. इसके साथ एक्सपेरिमेंटल स्किल्स भी पूछी जाती हैं. यहां सवाल सीधे नहीं होते, इसलिए थ्योरी के साथ न्यूमेरिकल प्रैक्टिस बहुत जरूरी है.

केमिस्ट्री सिलेबस- तीनों हिस्सों का बैलेंस

केमिस्ट्री को तीन भागों में बांटा गया है—

• फिजिकल केमिस्ट्री (35%): थर्मोडायनामिक्स, इलेक्ट्रो केमिस्ट्री, केमिकल काइनेटिक्स
• ऑर्गेनिक केमिस्ट्री (35%): अल्केन्स, अल्केन्स, एल्काइन्स, एल्डिहाइड्स, कीटोन्स, अमाइन्स
• इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री (30%): पी-ब्लॉक, डी-ब्लॉक, कोऑर्डिनेशन कंपाउंड्स

तीनों सेक्शन का बैलेंस बनाकर पढ़ना जरूरी है.

मैथ्स सिलेबस- प्रैक्टिस है जरूरी

मैथ्स में अलजेब्रा, कैलकुलस, वेक्टर्स, प्रोबेबिलिटी, ट्रिग्नोमेट्री और एनालिटिकल ज्योमेट्री से सवाल आते हैं. यहां ज्यादा से ज्यादा क्वालिटी सवाल सॉल्व करना फायदेमंद रहता है.

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