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JEE Advanced के साथ शुरू हो गई IIT की रेस, जानें कम कटऑफ में कैसे मिलेगा एडमिशन

IIT Admission 2026 : हर साल बड़ी संख्या में ऐसे छात्र होते हैं, जिन्हें रैंक कम होने की वजह से टॉप IITs और पॉपुलर ब्रांचेज नहीं मिल पातीं, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं होता कि उनके लिए IIT का रास्ता बंद हो गया.

JEE Advanced के साथ शुरू हो गई IIT की रेस, जानें कम कटऑफ में कैसे मिलेगा एडमिशन
IIT में एडमिशन मिलने का कितना चांस

IIT Admission 2026: JEE एडवांस्ड की परीक्षा खत्म होते ही देशभर के लाखों स्टूडेंट्स के बीच सबसे बड़ी चर्चा अब रैंक और IIT एडमिशन को लेकर शुरू हो गई है. हर साल बड़ी संख्या में ऐसे छात्र होते हैं, जिन्हें रैंक कम होने की वजह से टॉप IITs और पॉपुलर ब्रांचेज नहीं मिल पातीं, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं होता कि उनके लिए IIT का रास्ता बंद हो गया है. JoSAA के ऑफिशियल ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक डेटा बताते हैं कि ज्यादा रैंक आने पर भी कई IITs और कोर्सेज में एडमिशन की संभावना बनी रहती है. बस थोड़ा अलर्ट और स्मार्ट बनने की जरूरत है.

टॉप IITs की टॉप ब्रांचेज सबसे पहले भरती हैं

IITs में सबसे ज्यादा कॉम्पिटिशन कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग यानी CSE को लेकर होता है. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास जैसे पुराने IITs में CSE की सीटें बहुत कम रैंक पर ही भर जाती हैं. ऐसे में ज्यादा रैंक वाले स्टूडेंट्स को दूसरे ऑप्शंस की तरफ देखना पड़ता है.

नए IITs में बन सकती है संभावना

JoSAA कटऑफ ट्रेंड्स बताते हैं कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी पलक्कड़, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी धारवाड़, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी भिलाई, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जम्मू और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तिरुपति जैसे नए IITs में कई ब्रांचेज ज्यादा रैंक तक खुली रहती हैं. इन IITs में मैकेनिकल, सिविल, केमिकल, इंजीनियरिंग फिजिक्स, मटेरियल्स और बायोटेक्नोलॉजी जैसे कोर्स ज्यादा रैंक पर भी मिल जाते हैं.

इन ब्रांचेज का कट ऑफ काफी लो होता है

ब्रांच का चुनाव भी कटऑफ पर बड़ा असर डालता है. कुछ ब्रांचेज में कॉम्पिटिशन बाकी ब्रांचों के मुकाबले कम रहता है. इनमें माइनिंग इंजीनियरिंग, मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग, ओशन इंजीनियरिंग, पॉलिमर साइंस और टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी जैसे कोर्स शामिल हैं. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी खड़गपुर और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (ISM) धनबाद में माइनिंग से जुड़े कोर्स काफी ज्यादा रैंक तक जाते रहे हैं.

केवल BTech ये कोर्स भी करवाते हैं IITs 

सिर्फ BTech ही नहीं, कई IITs में 5-ईयर ड्यूल डिग्री और BS प्रोग्राम्स भी अच्छे विकल्प माने जाते हैं. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे में BS इकॉनॉमिक्स और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कानपुर में मैथमैटिक्स एंड साइंटिफिक कंप्यूटिंग जैसे कोर्स तेजी से लोकप्रिय हुए हैं. इनकी कटऑफ CSE से नीचे रहती है, लेकिन प्लेसमेंट और करियर के मौके अच्छे माने जाते हैं.

लड़कियों के लिए ज्यादा मौके

लड़कियों के लिए IIT एडमिशन में कुछ एक्स्ट्रा सीटें भी रखी जाती हैं, जिससे कई बार उनके लिए बेहतर IIT या बेहतर ब्रांच मिलने की संभावना बढ़ जाती है. नए IITs, कम डिमांड वाली ब्रांचेज, ड्यूल डिग्री और BS जैसे दूसरे प्रोग्राम्स पर ध्यान देकर ज्यादा रैंक वाले छात्र भी IIT तक पहुंचने का रास्ता बना सकते हैं.

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