विज्ञापन

सरकारी स्कूलों में आखिर क्या-क्या बदल गया? नई रिपोर्ट में बताए गए ये 10 बड़े बदलाव

सरकारी स्कूलों को लेकर आई नई रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले बदलाव सामने आए हैं. टीचर्स बढ़े हैं, ड्रॉपआउट घटा है, इंटरनेट और कंप्यूटर की पहुंच बढ़ी है, जबकि छात्राओं की भागीदारी भी पहले से ज्यादा मजबूत हुई है. जानिए रिपोर्ट के 10 बड़े बदलाव.

सरकारी स्कूलों में आखिर क्या-क्या बदल गया? नई रिपोर्ट में बताए गए ये 10 बड़े बदलाव
स्कूलों को लेकर सामने आई सरकारी रिपोर्ट

Government School Report: सरकारी स्कूलों का नाम सुनते ही अगर आपके दिमाग में टूटी कुर्सियां, कम टीचर और पढ़ाई छोड़ते बच्चों की तस्वीर आती है, तो अब उसे बदलने का वक्त आ गया है. नई स्कूल शिक्षा रिपोर्ट में ऐसे आंकड़े सामने आए हैं, जो बताते हैं कि पिछले कुछ सालों में सरकारी स्कूलों की तस्वीर तेजी से बदली है. अब सिर्फ टीचर्स की संख्या ही नहीं बढ़ी, बल्कि स्कूल छोड़ने वाले बच्चे भी कम हुए हैं. इंटरनेट और कंप्यूटर जैसी सुविधाएं बढ़ी हैं, ज्यादा छात्र अगली कक्षा तक पहुंच रहे हैं और लड़कियां भी पहले से ज्यादा संख्या में स्कूल पहुंच रही हैं. रिपोर्ट के ये 10 बड़े बदलाव बताते हैं कि स्कूलों में आखिर क्या-क्या बदल रहा है.

1. सबसे पहले टीचर्स की अच्छी खबर

सरकारी स्कूलों में अब टीचर्स की कमी पहले जैसी नहीं रही. नई रिपोर्ट बताती है कि देश में शिक्षकों की संख्या 1.02 करोड़ के पार पहुंच गई है. यानी बच्चों को पढ़ाने और उन पर ध्यान देने के लिए अब पहले से ज्यादा टीचर मौजूद हैं.

2. अब एक टीचर पर नहीं होगा जरूरत से ज्यादा बोझ

कई स्कूलों में पहले एक टीचर को ही पूरी क्लास संभालनी पड़ती थी. अब हालात बदल रहे हैं. एक शिक्षक पर छात्रों की संख्या कम हुई है, जिससे पढ़ाई पर ज्यादा फोकस किया जा सकेगा.

3. पढ़ाई बीच में छोड़ने का ट्रेंड पड़ रहा है धीमा

ये बदलाव सबसे ज्यादा राहत देने वाला है. पहले के मुकाबले अब कम बच्चे स्कूल छोड़ रहे हैं. इसका मतलब है कि ज्यादा छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करने की ओर बढ़ रहे हैं.

4. स्कूल में दाखिला ही नहीं, बच्चे टिक भी रहे हैं

सिर्फ एडमिशन बढ़ना ही बड़ी बात नहीं है. अच्छी खबर ये भी है कि अब ज्यादा बच्चे मिडिल और सेकेंडरी तक अपनी पढ़ाई जारी रख रहे हैं.

5. 10वीं तक पहुंचने वाले छात्रों की संख्या बढ़ी

अब पहले से ज्यादा बच्चे सेकेंडरी क्लास तक पहुंच रहे हैं. यानी स्कूल छोड़ने की बजाय छात्र आगे की पढ़ाई जारी रखने का फैसला कर रहे हैं.

6. अगली क्लास तक पहुंचना हुआ आसान

हर साल पहले से ज्यादा बच्चे बिना पढ़ाई छोड़े अगली कक्षा में पहुंच रहे हैं. ये दिखाता है कि स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई लगातार बनी हुई है.

7. एक टीचर के भरोसे चलने वाले स्कूल हुए कम

ऐसे स्कूल, जहां पूरा काम सिर्फ एक टीचर संभालता था, उनकी संख्या कम हुई है. वहीं बिना छात्रों वाले स्कूल भी पहले के मुकाबले काफी घटे हैं.

8. अब ब्लैकबोर्ड के साथ इंटरनेट भी

सरकारी स्कूल भी अब डिजिटल होते जा रहे हैं. कंप्यूटर और इंटरनेट जैसी सुविधाएं पहले से ज्यादा स्कूलों तक पहुंच चुकी हैं, जिससे बच्चों को नए तरीके से सीखने का मौका मिल रहा है.

9. सिर्फ पढ़ाई नहीं, सुविधाएं भी हुईं बेहतर

बिजली, साफ पानी, शौचालय, लाइब्रेरी, हाथ धोने की व्यवस्था और दिव्यांग छात्रों के लिए रैंप जैसी सुविधाएं भी पहले से बेहतर हुई हैं. यानी स्कूल का माहौल अब ज्यादा सुविधाजनक बन रहा है.

10. स्कूलों में लड़कियों की बढ़ती उड़ान

स्कूलों में महिला शिक्षकों की संख्या बढ़ी है और छात्राओं का दाखिला भी पहले से ज्यादा हुआ है. साफ है कि लड़कियों की पढ़ाई को लेकर माहौल लगातार बेहतर हो रहा है.

ये भी पढ़ें - Success Story : 17 साल के इमरान ने कर दिया कमाल! 6 महीने मे खड़ी कर दी 5 करोड़ की कंपनी, कहानी सुन हो जाएंगे फैन

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
School Education, Schools Condition Report, Education, Government Schools, School Education Reforms
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com