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Do You Know: क्‍या ट्रेन भी रिटायर होती है, पुरानी ट्रेनों का क्‍या होता है

Do You Know: हर दिन लाखों लोग ट्रेन से सफर करते हैं. ट्रेनें सालों तक पटरियों पर दौड़ती रहती हैं. जब कोई ट्रेन बहुत पुरानी हो जाती है तो उसका क्‍या होता है? क्या ट्रेनें भी इंसानों की तरह रिटायर होती हैं? 

Do You Know: क्‍या ट्रेन भी रिटायर होती है, पुरानी ट्रेनों का क्‍या होता है

Do You Know: हर दिन लाखों लोग ट्रेन से सफर करते हैं. ट्रेनें सालों तक पटरियों पर दौड़ती रहती हैं. जब कोई ट्रेन बहुत पुरानी हो जाती है तो उसका क्‍या होता है? क्या ट्रेनें भी इंसानों की तरह रिटायर होती हैं? सालों तक लाखों यात्रियों को मंजिल तक पहुंचाने के बाद पुरानी ट्रेनों का क्‍या किया जाता है, जानें ऐसे सभी सवालों के जवाब. 

कितने साल चलती है एक ट्रेन

सामान्य तौर पर यात्री कोच लगभग 25 से 30 साल तक इस्तेमाल किए जाते हैं. वहीं इंजन की उम्र उसके प्रकार और रखरखाव पर निर्भर करती है अगर ट्रेन की हालत अच्छी हो और समय-समय पर मरम्मत होती रहे, तो उसकी सेवा अवधि बढ़ाई जा सकती है. लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुराने डिब्बों को हटाना जरूरी होता है. 

कैसे तय होता है कि ट्रेन पुरानी हो गई

रेलवे समय-समय पर ट्रेनों की तकनीकी जांच करता है. इस जांच में इंजन, पहिए, ब्रेक, बॉडी और अन्य हिस्सों की स्थिति देखी जाती है. अगर किसी ट्रेन में बार-बार खराबी आने लगे या उसकी मरम्मत पर ज्यादा खर्च आने लगे, तो उसे सेवा से हटाने का फैसला लिया जाता है. इसके अलावा, नई तकनीक आने पर भी पुराने कोच बदले जाते हैं. उदाहरण के तौर पर, भारतीय रेलवे अब पुराने ICF कोच की जगह आधुनिक और सुरक्षित LHB कोच का इस्तेमाल बढ़ा रहा है. 

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पुरानी ट्रेनों का क्या होता है

जब कोई ट्रेन या उसका डिब्बा रिटायर होता है, तो उसे सीधे कबाड़ में नहीं फेंक दिया जाता है. रेलवे पहले यह तय करता है कि उसका कौन-सा हिस्सा दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है. जो हिस्से पूरी तरह खराब हो चुके होते हैं, उन्हें काटकर स्क्रैप यानी कबाड़ के रूप में बेच दिया जाता है. इससे रेलवे को आर्थिक फायदा भी होता है. 

कई पुराने डिब्बों को नया रूप देकर रेलवे ऑफिस, कैंटीन, ट्रेनिंग सेंटर या स्टाफ रूम में बदल दिया जाता है. कुछ जगहों पर पुराने कोच को रेस्टोरेंट और कैफे के रूप में भी इस्तेमाल किया गया है. 

ऐतिहासिक महत्व रखने वाले इंजन और डिब्बों को रेलवे म्यूजियम में सुरक्षित रखा जाता है. दिल्ली का नेशनल रेल म्यूजियम इसका बड़ा उदाहरण है, जहां पुरानी स्टीम इंजन और शाही ट्रेनें आज भी देखने को मिलती हैं. 

रेलवे क्यों बदलता है पुराने कोच

पुराने डिब्बों में सुरक्षा और आराम की सुविधाएं सीमित होती हैं. नई ट्रेनों में बेहतर ब्रेक सिस्टम, मजबूत बॉडी, एयर सस्पेंशन और आधुनिक सुविधाएं दी जा रही हैं. इससे यात्रियों की सुरक्षा और सफर दोनों बेहतर बनते हैं. 

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