दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) का 'Science of Happiness' कोर्स छात्रों के बीच लोकप्रिय हो रहा है. विश्वविद्यालय के अनुसार, पिछले दो वर्षों में 2,000 से अधिक छात्र इस वैल्यू एडेड कोर्स (Value Added Course) में दाखिला ले चुके हैं. फिलहाल यह कोर्स 17 कॉलेजों और एक विश्वविद्यालय विभाग में संचालित किया जा रहा है, जबकि भविष्य में इसे स्नातकोत्तर (PG) स्तर तक भी विस्तार देने की संभावना पर विचार किया जा रहा है. क्या है ये कोर्स और इसमें क्या पढ़ाया जा रहा है, जानें.
क्या है 'साइंस ऑफ हैप्पीनेस' कोर्स
'साइंस ऑफ हैप्पीनेस' दिल्ली यूनिवर्सिटी का एक Value Added Course (VAC) है. इसका उद्देश्य छात्रों को केवल अकादमिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन, सकारात्मक सोच और समग्र कल्याण (Well-being) के बारे में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना है.
विश्वविद्यालय के अनुसार, यह कोर्स छात्रों को स्वयं को बेहतर ढंग से समझने, जीवन का उद्देश्य खोजने और सकारात्मक मानसिकता विकसित करने में मदद करने के लिए तैयार किया गया है.
12वीं के बाद ना करें ये 5 गलतियां, वरना ग्रेजुएशन के बाद नहीं मिलेगी नौकरी
कोर्स में क्या पढ़ाया जाता है
मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक संतुलन, सकारात्मक मनोविज्ञान, तनाव प्रबंधन, माइंडफुलनेस, आत्म-जागरूकता, स्वस्थ रिश्ते और संवाद, जीवन में उद्देश्य और संतुलन जैसे विषय पढ़ाए जा रहे हैं.
कौन ये कोर्स कर सकता है
यह एक Value Added Course है, जिसे दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्नातक (UG) छात्रों के लिए शुरू किया गया है. विश्वविद्यालय इसे नियमित डिग्री के साथ अतिरिक्त सीखने के अवसर के रूप में उपलब्ध कराता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं