- दिल्ली की CM रेखा गुप्ता ने राजधानी के सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण कर अव्यवस्था और सुविधाओं की कमी देखी
- निरीक्षण में साफ-सफाई, टूटा हुआ शौचालय और पीने के पानी की समस्या सहित कई गंभीर खामियां सामने आईं
- कुछ स्कूलों में फायर फाइटिंग सिस्टम खराब पाए गए, जिसके लिए फायर सेफ्टी ऑडिट का आदेश दिया गया
CM Rekha Gupta School Inspection: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत जानने के लिए औचक निरीक्षण किया. इस दौरान स्कूलों में मिली अव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को देखकर CM ने कड़ी नाराजगी जताई. मुख्यमंत्री ने साफ किया कि बच्चों के भविष्य और उनकी सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा. इसी कड़ी में उन्होंने दिल्ली के लगभग 700 सरकारी स्कूलों के व्यापक ऑडिट के आदेश जारी कर दिए हैं.
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्कूलों की बदहाली को लेकर अधिकारियों को लगाई फटकार#Delhi pic.twitter.com/AhnAsu6eFu
— NDTV India (@ndtvindia) May 8, 2026
निरीक्षण में खुली बदहाली की पोल
मुख्यमंत्री ने जब स्कूलों का दौरा किया, तो वहां स्वच्छता और सुविधाओं की कमी पाई गई. निरीक्षण के दौरान सामने आया कि कई स्कूलों में शौचालय टूटे हुए थे और साफ-सफाई का स्तर बेहद खराब था. सबसे चिंताजनक बात यह रही कि छात्रों को पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध नहीं था और वे सीधा नल का पानी पीने को मजबूर थे. सीएम ने इन खामियों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को मौके पर ही फटकार लगाई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए. स्कूलो में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी बड़ी चूक सामने आई है. निरीक्षण में पाया गया कि कई स्कूलों के फायर फाइटिंग सिस्टम खराब पड़े थे. मुख्यमंत्री ने इसे एक गंभीर खतरा बताते हुए दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों का 'फायर सेफ्टी ऑडिट' कराने का आदेश दिया है. इसके साथ ही, कई स्कूल भवन 40 से 50 साल पुराने पाए गए हैं, जिनकी मजबूती की जांच के लिए अब 'स्ट्रक्चरल ऑडिट' भी कराया जाएगा ताकि किसी भी संभावित हादसे को टाला जा सके.
ये भी पढ़ें: दिल्ली की सड़कों पर दौड़ेगी 'मोबाइल हीट रिलीफ वैन', जानें इसमें क्या-क्या मिलेगा और जरूरत पड़ने पर कैसे बुलाएं
700 स्कूलों के पुनर्विकास की योजना
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संकेत दिया है कि दिल्ली के लगभग 700 सरकारी स्कूलों को अब पूरी तरह से पुनर्विकास (Redevelopment) की जरूरत है. उन्होंने कहा कि पुराने हो चुके ढांचों को आधुनिक बनाने और सुविधाओं को विश्वस्तरीय करने के लिए सरकार एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर रही है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
जवाबदेही होगी तय
मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद चरणबद्ध तरीके से स्कूलों की मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा. सीएम ने साफ किया है कि वे स्वयं इन सुधारों की निगरानी करेंगी ताकि दिल्ली के बच्चों को एक सुरक्षित और स्वच्छ शैक्षणिक माहौल मिल सके.
ये भी पढ़ें: दिल्ली ने Vocational और Samagra Teachers की बढ़ाई Salary, अब हर महीने खाते में आएंगे इतने हजार
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं