भारत में होने वालीं तमाम परीक्षाओं में टॉप करने वाले छात्रों की कहानियां तो आपने खूब सुनी होंगीं, लेकिन एक कहानी पड़ोसी देश चीन से सामने आई है, जहां के सबसे मुश्किल एग्जाम 'गाओकाओ' में एक ऐसी लड़की ने टॉप किया है, जो आर्थिक रूप से काफी कमजोर है. इस लड़की की कहानी दुनियाभर में तैयारी कर रहे छात्रों के लिए काफी इंस्पायर करने वाली है. बिना फोन और बिना प्राइवेट ट्यूशन के गांव में रहने वाली इस लड़की ने 750 में से 699 नंबर लाकर चीन की यूनिवर्सिटीज के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा में टॉप किया. इसके बाद उन्हें कई बड़ी यूनिवर्सिटीज की तरफ से ऑफर भी मिल रहे हैं.
टॉप यूनिवर्सिटीज के ऑफर
'साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक हेनान प्रांत की रहने वाली हान यापिंग को चीन की दो सबसे बड़ी और मशहूर यूनिवर्सिटी त्सिंगहुआ यूनिवर्सिटी और पेकिंग यूनिवर्सिटी से ऑफर मिले हैं. उनकी इस सफलता के बाद उनकी कहानी ने सभी का दिल जीत लिया. खबर सामने आने के बाद कई लोग हान यापिंग के गांव पहुंचे और उन्हें पैसों की मदद देने की कोशिश की, हालांकि हान ने पैसे लेने से इनकार कर दिया.
गरीबी में भी नहीं हारी हिम्मत
हान के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब है. उनकी मां एक गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं, जिसकी वजह से वो घर के जरूरी काम भी नहीं कर पातीं. पिता खेती का छोटा-मोटा काम करके जैसे-तैसे घर चलाते हैं. हान की एक छोटी बहन भी है, जिसकी जिम्मेदारी भी अब हान के कंधों पर है. इन सभी मुश्किलों के बावजूद हान ने पढ़ाई पर फोकस रखा और देश के सबसे बड़े एग्जाम में टॉप कर दिया. हान के परिवार की हालत देखते हुए स्कूल ने भी उनकी फीस माफ कर दी थी.
पॉकेट मनी से भी कर लेती थीं सेविंग
रिपोर्ट में हान के पिता को कोट करते हुए बताया गया है कि परिवार की तरफ से हान को महज 10 से 20 युआन की पॉकेट मनी हर हफ्ते दी जाती थी, लेकिन हान आर्थिक स्थिति को देखते हुए, इन्हें खर्च नहीं करती थीं और जब भी घर आती थी तो बचे हुए पैसे वापस कर देती थी. हान के दोस्त जहां प्राइवेट कोचिंग ले रहे थे, वहीं उसने खुद से पढ़ाई की और इस दौरान उनके पास अपना मोबाइल फोन भी नहीं था. अपनी सफलता के बाद हान ने कहा कि 'अगर आप आज कड़ी मेहनत नहीं करेंगे, तो शायद आपको भविष्य में बहुत संघर्ष करना पड़ेगा.' हान आगे डॉक्टर बनना चाहती हैं.
दुनिया की सबसे मुश्किल परीक्षा
चीन की 'गाओकाओ' (Gaokao) परीक्षा को दुनिया की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक माना जाता है. हर साल चीन के लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं और फिर उन्हें अच्छी यूनिवर्सिटीज में एडमिशन मिलता है.
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