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CBSE कॉपी स्कैनिंग के लिए नहीं लेगा COEMPT की मदद, IIT पैनल एक्सपर्ट ने बताया कहां थी कमी

सीबीएसई के री-इवैल्यूएशन पोर्टल में आई कई तरह की कमियों को दूर करने के लिए IIT के एक्सपर्ट पैनल की मदद ली गई, जिसके बाद अब जाकर सिस्टम पूरी तरह से ठीक हो पाया है. फिलहाल पूरा डेटा सीबीएसई की अपनी वेबसाइट पर ट्रांसफर कर लिया गया है.

CBSE कॉपी स्कैनिंग के लिए नहीं लेगा COEMPT की मदद, IIT पैनल एक्सपर्ट ने बताया कहां थी कमी
COEMPT Eduteck ने किया था कॉपी स्कैनिंग का काम

CBSE Re-Evaluation Portal: CBSE के री-इवैल्यूएशन प्रोसेस की विंडो अब बंद हो चुकी है. पिछले कुछ दिनों में बोर्ड के छात्रों ने काफी कुछ देखा और कॉपी री-चेकिंग के प्रोसेस में काफी ज्यादा परेशानी भी हुई. हालांकि देर से ही सही, लेकिन सीबीएसई ने आईआईटी एक्सपर्ट्स की मदद से सिस्टम को ठीक किया और अब कॉपियों की दोबारा जांच भी शुरू हो चुकी है. इसी बीच न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में  IIT के एक पैनल के एक एक्सपर्ट ने बताया है कि कॉपी स्कैन करने के लिए CBSE ने अब 'COEMPT Eduteck Pvt Ltd' कंपनी की सेवाएं नहीं लेने का फैसला किया है. 

री-इवैल्यूएशन पोर्टल को मिला क्लीयरेंस

IIT के पैनल एक्सपर्ट ने ये भी बताया कि CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल को पूरी तरह से सुरक्षित घोषित कर दिया गया है. आईआईटी के पैनल ने इसे क्लीयरेंस दे दिया है, जिसके बाद इस पोर्टल का इस्तेमाल अब कॉपियों की चेकिंग करने वाले टीचर्स आसानी से कर सकते हैं. पोर्टल में कई तरह के बदलाव भी किए गए हैं. इससे पहले इस पोर्टल के शुरू होने के बाद लाखों साइबर अटैक की बात कही गई थी. सीबीएसई की तरफ से बताया गया था कि कॉपियों की री-चेकिंग प्रोसेस को प्रभावित करने के लिए ऐसी कोशिशें लगातार की गईं 

COEMPT Eduteck के पोर्टल में थीं कमियां

ANI से बातचीत में आईआईटी एक्सपर्ट ने बताया कि पुरानी कंपनी के पोर्टल में कई तरह की कमियां थीं, जिसमें डेटा और रिकॉर्ड्स के लीक होने का गंभीर खतरा था. पोर्टल में सिक्योरिटी इतनी कम थी कि डेटा चुराने के कई रास्ते खुले छोड़ दिए थे. एक्सपर्ट ने बताया कि नया पोर्टल पहले जैसा ही काम करेगा, लेकिन इसमें सुरक्षा को बेहद मजबूत कर दिया गया है. यानी छात्रों का डेटा पूरी तरह से सेफ है. 

IIT की टीमों ने संभाला मामला

सीबीएसई के ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में मौजूद कमियों के बाद पोर्टल ने पूरे सिस्टम की पोल खोलकर रख दी. एक छात्र सार्थक सिद्धांत ने सोशल मीडिया पर कॉपी स्कैन करने वाली कंपनी को लेकर गंभीर सवाल उठाए और विवाद बढ़ता गया. छात्रों के गुस्से के बीच सरकार ने तुरंत सिस्टम को मजबूत करने के लिए IIT कानपुर और IIT मद्रास की टीमों को काम पर लगाया. करीब 10 दिनों तक इस एक्सपर्ट टीम ने CBSE के पोर्टल पर काम किया. फिलहाल इस एक्सपर्ट पैनल ने पूरा डेटा CBSE के अपने सर्वर पर ट्रांसफर कर दिया है. 

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