CBSE बोर्ड के छात्रों के लिए री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) प्रक्रिया को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, रीवैल्यूएशन पोर्टल आज लाइव नहीं होगा और अब इसे 1 जून तक शुरू करने की योजना है. सूत्रों के अनुसार मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों ने कहा है कि हम इस पोर्टल को लेकर अत्यधिक सावधानी बरतते हुए, इसे 1 जून तक लाइव करने की योजना बना रहे हैं.
पोर्टल लॉन्च में देरी क्यों?
सूत्रों के अनुसार, एहतियात के तौर पर (abundant caution) अब रीवैल्यूएशन पोर्टल 1 जून तक लाइव करने की तैयारी है. यानि तकनीकी या प्रक्रिया संबंधी सावधानियों को ध्यान में रखते हुए लॉन्च टाला गया है.
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अगले साल से बड़ा बदलाव
सूत्रों ने यह भी बताया कि CBSE अगले साल से मूल्यांकन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने जा रहा है. अगले साल से छात्रों की आंसर शीट सीधे DigiLocker में भेजी जाएगी. छात्रों को इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा. पूरी प्रक्रिया डिजिटल और ट्रांसपेरेंट होगी.
क्या बदलेगा छात्रों के लिए?
इस फैसले के लागू होने के बाद कॉपी देखने के लिए अलग से आवेदन की जरूरत कम होगी. समय और पैसे दोनों की बचत होगी. वहीं मूल्यांकन प्रक्रिया पर भरोसा बढ़ेगा.
इस मामले पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि CBSE ने एक सुधार के तौर पर OSM प्रक्रिया को अपनाया है. आमतौर पर लगभग 2 से 2.5 लाख छात्र re-evaluation का अनुरोध करते हैं. इस बार, यह संख्या 4 लाख है. सत्यापन के लिए छात्रों को 11 लाख प्रश्न-पत्रों के सेट भेजे गए हैं. मैं सभी छात्रों के साथ खड़ा हूं. CBSE कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणामों से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए IIT के बुनियादी ढांचे का उपयोग किया गया है. वेबसाइट पर दो से तीन दिनों तक कुछ तकनीकी दिक्कतें आईं थी.
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