केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 12वीं के रिजल्ट को लेकर जो विवाद चल रहे हैं, उसको लेकर आज एक बयान जारी किया है. बोर्ड ने साफ किया कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) के जरिए सही से कॉपियां चेक की गई हैं. अगर किसी बच्चों को ऐसा लगता है कि उसके अंक उम्मीद से कम आए हैं तो वो सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन का विकल्प चुन सकता. इतना ही नहीं सीबीएसई ने पुनर्मूल्यांकन (re-evaluate) के लिए वसूली जाने वाली फीस भी कम कर दी है. जांच (Validation) की फीस 500 रुपये से घटाकर 100 कर दी है. पूरे पेपर की जांच की फीस 700 से घटाकर 100 की गई है. प्रति प्रश्न के लिए अब 25 रुपये वूसले जाएंगे.
कब से शुरू हो रही है री- इवैल्यूएशन प्रक्रिया
री- इवैल्यूएशन की प्रक्रिया 19 तारीख से शुरू हो जाएगी. जिन भी बच्चों को इसमें हिस्सा लेना है उन्हें ऑनलाइन आवेदन करना होगा. बोर्ड ने कहा हम पक्का करेंगे कि स्टूडेंट्स को दिए गए टोटल और नंबर सही हों. स्टूडेंट्स ने कहा है कि CBSE वेरिफिकेशन के लिए 700 रुपये लेता है यह प्रोटोकॉल का हिस्सा है यह हमारे फायदे के लिए नहीं है. अगर आप चाहते हैं कि आपके पेपर का री-इवैल्यूएशन हो, या उसे वैलिडेट किया जाए, तो हम हर एक के लिए 100 रुपये चार्ज करेंगे. अगर आप किसी खास सवाल का री-इवैल्यूएशन चाहते हैं: तो चार्ज 25 रुपये होगा.
बता दें कि बोर्ड ने इस बार ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) के जरिए कॉपियों की जांच की है. 12वीं बोर्ड रिजल्ट के बाद काफी छात्रों ने ये शिकायत की है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) के कारण उनके अंक कम आए हैं. हालांकि सीबीएसई ने साफ कर दिया है कि ये चेकिंग प्रक्रिया पूरी तरह से सटीक है. इसमें गलती की गुंजाइश नहीं है.
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