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CBSE Result 2026: क्या मिडिल ईस्ट देशों के छात्र दे पाएंगे इंप्रूवमेंट एग्जाम? जानें कैसे बनेगा उनका रिजल्ट

Gulf Students:सीबीएसई ने खाड़ी देशों में रहने वाले 10वीं और 12वीं के उन हजारों छात्रों के लिए बड़ी राहत दी है,जिनकी परीक्षाएं जंग और सुरक्षा कारणों से रद्द कर दी गई थीं. इन छात्रों का रिजल्ट एक खास अल्टरनेटिव असेसमेंट स्कीम के तहत तैयार किया जाएगा.

CBSE Result 2026: क्या मिडिल ईस्ट देशों के छात्र दे पाएंगे इंप्रूवमेंट एग्जाम? जानें कैसे बनेगा उनका रिजल्ट
मिडिल ईस्ट देशों के छात्रों का क्या होगा?

CBSE Class 10 Result 2026 Gulf Students: सीबीएसई ने 10वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं, जबकि 12वीं का रिजल्ट मई के तीसरे हफ्ते तक आने की संभावना है. देश ही नहीं, विदेशों में भी लाखों छात्र अपने स्कोर का इंतजार कर रहे हैं. खासकर खाड़ी देशों UAE, सऊदी अरब, ईरान, ओमान, बहरीन जैसे देशों में रहने वाले छात्रों और अभिभावकों के मन में इस बार कई सवाल हैं. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण कुछ जगहों पर परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थीं, ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन छात्रों का रिजल्ट किस आधार पर तैयार होगा. क्या उन्हें दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलेगा और क्या इंप्रूवमेंट एग्जाम का ऑप्शन भी रहेगा. आइए जानते हैं एक-एक सवाल का जवाब..

मिडिल-ईस्ट देशों में CBSE का रिजल्ट कैसे बनेगा

खाड़ी देशों (West Asia) में करीब 23,000 छात्रों की परीक्षाएं 16 मार्च से 10 अप्रैल 2026 के बीच रद्द कर दी गई थीं. इन छात्रों के लिए बोर्ड एक स्पेशल 'अल्टरनेटिव असेसमेंट स्कीम' लाया है. जिन सब्जेक्ट्स की परीक्षा नहीं हो पाई, उनके लिए स्कूल में हुए इंटरनल टेस्ट, छमाही परीक्षा (Half-Yearly) या प्री-बोर्ड में से जिस 3 विषयों में सबसे ज्यादा नंबर आए होंगे, उनका एवरेज लिया जाएगा. वोकेशनल सब्जेक्ट्स के लिए मुख्य रूप से फाइनल प्री-बोर्ड के परफॉर्मेंस को आधार बनाया जाएगा. प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट के नंबरों में कोई बदलाव नहीं होगा. वे वैसे ही जोड़े जाएंगे जैसे स्कूलों ने भेजे थे.

क्या परीक्षा देने का दोबारा मौका मिलेगा

खाड़ी देशों के छात्रों को इंप्रूवमेंट एग्जाम देने का मौका मिलेगा. बोर्ड ने ऐसे छात्रों को दो बड़े ऑप्शन दिए हैं. पहला सप्लीमेंट्री एग्जाम, जो जुलाई 2026 के आसपास हो सकता है. जो छात्र अपने रिजल्ट से खुश नहीं हैं या जिनकी परीक्षा पूरी तरह छूट गई थी, वे जुलाई 2026 में होने वाली फिजिकल परीक्षा में बैठ सकते हैं. इंप्रूवमेंट परीक्षा मई-जून 2026 तक हो सकती है. सीबीएसई ने पहली बार छात्रों को रिजल्ट सुधारने के लिए 3 विषयों तक में इंप्रूवमेंट एग्जाम देने की छूट दी है. ये परीक्षाएं 15 मई से 1 जून 2026 के बीच होने की संभावना है. अभी जो रिजल्ट जारी होगा, वह प्रोविजनल माना जाएगा. फाइनल मार्कशीट दूसरी परीक्षा (इंप्रूवमेंट एग्जाम) के बाद ही जारी होगी.

डिजिटल मूल्यांकन और मार्कशीट

रिजल्ट को जल्द जारी करने के लिए सीबीएसई ने इस बार OSM (On-Screen Marking) का इस्तेमाल किया है, जिससे टोटल करने में गलती की गुंजाइश खत्म हो गई है. इस साल बोर्ड किसी भी छात्र को मार्कशीट की हार्ड कॉपी जारी नहीं करेगा. मिडिल-ईस्ट से लेकर भारत तक के छात्र अपना रिजल्ट और डिजिटल सर्टिफिकेट डिजिलॉकर या उमंग ऐप से डाउनलोड कर सकेंगे.

रिजल्ट चेक करने के बाद क्या करें

1. रिजल्ट आने के बाद छात्रों के पास स्कूल को यह बताने के लिए सिर्फ 5 दिन का समय होगा कि वे इंप्रूवमेंट एग्जाम देना चाहते हैं या नहीं.

2. इंप्रूवमेंट परीक्षा उन्हीं सेंटर्स पर होगी जहां मेन परीक्षा हुई थी. अगर कोई छात्र भारत लौट चुका है, तो उसे परीक्षा के लिए वापस खाड़ी देश जाना होगा.

3. सीबीएसई पिछले कुछ सालों की तरह इस बार भी कोई नेशनल टॉपर या मेरिट लिस्ट जारी नहीं करेगा.

4. बोर्ड के इस कदम के पीछे मकसद है कि खाड़ी देशों के छात्रों का साल बर्बाद न हो और वे समय पर यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले सकें.

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