CBSE 12th Revaluation Fees Reduced : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं के रिजल्ट के बाद उन छात्रों को बड़ी राहत दी है, जो अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं हैं. बोर्ड ने री-इवैल्यूएशन के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए आंसरशीट की स्कैन कॉपी मंगाने की फीस में बड़ी कटौती कर दी है. पहले जहां प्रति आंसरशीट 700 रुपये देने पड़ते थे, वहीं अब इसके लिए सिर्फ 100 रुपये लगेंगे. यह फैसला तब आया है जब सीबीएसई के डिजिटल कॉपी चेकिंग यानी OSM सिस्टम पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
दरअसल, इस साल रिजल्ट जारी होने के बाद कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां छात्रों ने जेईई (JEE) परीक्षा में तो बेहतरीन स्कोर किया, लेकिन 12वीं में उनके नंबर 75% से कम रह गए, जिससे वे आईआईटी (IIT) के एडमिशन क्राइटेरिया से बाहर हो रहे हैं.
शिक्षकों और अभिभावकों का आरोप है कि डिजिटल चेकिंग (OSM) के दौरान स्क्रीन पर धुंधली लिखावट, धीमा सर्वर और तकनीकी गड़बड़ियों के कारण कॉपियों का मूल्यांकन ठीक से नहीं हो पाया. इसी विवाद के बीच छात्रों को राहत देते हुए बोर्ड ने फीस कम की है.
दो स्टेप्स में होगा पूरा प्रोसेस
स्टेप 1
सबसे पहले आपको अपनी जांची हुई कॉपी की डिजिटल (स्कैन) कॉपी ऑनलाइन देखने के लिए अप्लाई करना होगा. इसके लिए लिंक 19 मई से 22 मई 2026 तक खुला रहेगा. इसकी फीस सिर्फ 100 रुपये है.
स्टेप 2
स्कैन कॉपी देखने के बाद अगर आपको गड़बड़ लगती है, तो आप 26 मई से 29 मई तक ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं. अंकों के वेरिफिकेशन के लिए 500 रुपये प्रति आंसरशीट और प्रश्नों के री-इवैल्यूएशन के लिए 100 रुपये प्रति प्रश्न फीस लगेगी.
छात्रों को आवेदन करने का केवल एक बार ही मौका मिलेगा. री-इवैल्यूएशन के बाद यदि आपका 1 नंबर भी कम होता है, तो उसे भी फाइनल माना जाएगा और नई मार्कशीट जारी की जाएगी.
7 साल का सबसे कम रहा रिजल्ट13 मई 2026 को घोषित हुए सीबीएसई 12वीं के नतीजों में इस साल कुल 85.20% छात्र ही पास हो पाए हैं. यह पिछले 7 वर्षों का सबसे कम पास प्रतिशत है. कम रिजल्ट और डिजिटल चेकिंग के विवाद को देखते हुए, बोर्ड द्वारा फीस घटाने का यह फैसला उन छात्रों के लिए बड़ा मौका है जो कुछ नंबरों से पीछे रह गए हैं.
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