NEET Paper Leak Case: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में अब जांच तेजी से चल रही है. CBI जल्द ही इस मामले में पहली चार्जशीट दाखिल करने जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, इस चार्जशीट में तीन टीचरों को पेपर लीक का मुख्य आरोपी बताया जा सकता है. इन तीनों पर आरोप है कि इन्होंने परीक्षा से पहले ही केमिस्ट्री, बायोलॉजी और फिजिक्स के सवाल चुनिंदा छात्रों तक पहुंचाए और इसके बदले लाखों रुपये वसूले. इन सभी के नाम भी सामने आ चुके हैं.
ये हैं नीट पेपर लीक के मुख्य आरोपी
- पीवी कुलकर्णी, केमिस्ट्री पेपर लीक से जुड़ा आरोपी
- मनीषा मंधारे, बॉटनी और जूलॉजी पेपर लीक की आरोपी
- मनीषा हवालदार, फिजिक्स पेपर लीक की आरोपी
एक महीने में चार्जशीट की तैयारी
CBI ने यह केस 12 मई को अपने हाथ में लिया था. अब करीब 1 महीने के अंदर एजेंसी चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है. हालांकि अभी तक की जांच के हिसाब से किसी भी NTA के अधिकारी का नाम आरोपी के तौर कर नहीं है , लेकिन जांच एजेंसी ने साफ कहा है कि सरकारी अधिकारियों की भूमिका, पैसों के लेनदेन और पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच अभी जारी रहेगी.
कैसे चलता था पूरा नेटवर्क
CBI जांच में सामने आया है कि यह कोई छोटी-मोटी लीक नहीं थी, बल्कि एक बेहद संगठित रैकेट था. इस नेटवर्क में कई लोग शामिल थे.
- NTA से जुड़े पेपर सेटर्स और विशेषज्ञ
- कोचिंग सेंटर संचालक
- बिचौलिए
- छात्रों तक पहुंच बनाने वाले स्थानीय एजेंट
- पैसे इकट्ठा करने वाले लोग
जांच एजेंसी के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज में एडमिशन का सपना दिखाकर छात्रों और उनके परिवारों से लाखों रुपये लिए जाते थे. इसके बाद उन्हें परीक्षा से पहले सवाल और जवाब उपलब्ध कराए जाते थे.
पुणे और लातूर बना नेटवर्क का बड़ा केंद्र
जांच में महाराष्ट्र के पुणे और लातूर का नाम सबसे ज्यादा सामने आया है. CBI के अनुसार, पीवी कुलकर्णी लातूर का रहने वाला है और पहले केमिस्ट्री पढ़ाता था. जांच में यह भी सामने आया कि वह NTA द्वारा नियुक्त केमिस्ट्री पेपर सेटर्स में शामिल था. आरोप है कि अप्रैल 2026 में उसने पुणे स्थित अपने घर पर कुछ चुनिंदा छात्रों के लिए स्पेशल क्लास आयोजित की. इन क्लासों में संभावित सवाल बताए गए, सही उत्तर समझाए गए, छात्रों से नोट्स लिखवाए गए और प्रश्नों के पैटर्न समझाए गए...बाद में जब CBI ने छात्रों की नोटबुक और असली NEET पेपर का मिलान किया, तो कई सवाल हूबहू पाए गए.
मनीषा मंधारे की क्या थी भूमिका
जांच एजेंसी के मुताबिक, पुणे की बॉटनी लेक्चरर मनीषा मंधारे को परीक्षा से कई दिन पहले ही बॉटनी और जूलॉजी के सवाल मिल गए थे. CBI का दावा है कि उसने कुछ छात्रों को अपने घर बुलाया और वहां सवाल समझाए. छात्रों से वही सवाल नोटबुक में लिखवाए गए. जांच में यह भी सामने आया कि छात्रों को याद करवाने के लिए बार-बार विशेष क्लास आयोजित की गईं.
फिजिक्स पेपर तक पूरी पहुंच
CBI जांच में सबसे गंभीर आरोप फिजिक्स टीचर मनीषा हवालदार पर लगे हैं. एजेंसी का कहना है कि वह NTA की नियुक्त फिजिक्स एक्सपर्ट थी और उसे पूरे फिजिक्स पेपर तक सीधी पहुंच थी. जांच में आरोप है कि उसने सवाल मनीषा मंधारे को भेजे और कुछ छात्रों तक पेपर पहुंचाया. इसके बाद नेटवर्क के अन्य लोगों के साथ मिलकर लीक को संगठित तरीके से अंजाम दिया गया.
ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिला बनी अहम कड़ी
इस पूरे नेटवर्क में मनीषा वाघमारे नाम की महिला की भूमिका भी काफी अहम बताई जा रही है. CBI के मुताबिक, वह एक ब्यूटी पार्लर चलाती थी लेकिन असल में वही छात्रों और शिक्षकों के बीच कनेक्शन का काम कर रही थी. उसके जरिए छात्रों की पहचान की जाती थी और पैसे तय किए जाते थे. इसके अलावा क्लास का इंतजाम होता था और उसके बाद सवाल पहुंचाए जाते थे.
अब तक 11 लोग गिरफ्तार
CBI अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें शिक्षक, कोचिंग सेंटर संचालक, बिचौलिए और कथित खरीदार शामिल हैं.
गिरफ्तार आरोपियों में ये लोग शामिल हैं -
- पीवी कुलकर्णी
- मनीषा मंधारे
- मनीषा हवालदार
- शिवराज मोटेगांवकर
- मनीषा वाघमारे
- धनंजय लोखंडा
- शुभम खैरनार
- मंगलाल बिवाल
- विकास बिवाल
- दिनेश बिवाल
- यश यादव
CBI को क्या-क्या सबूत मिले?
- लीक हुए प्रश्नपत्र
- लैपटॉप
- मोबाइल फोन
- चैट रिकॉर्ड
- नोटबुक
- हस्तलिखित नोट्स
- इलेक्ट्रॉनिक डाटा
सबूत मिटाने की हुई थी कोशिश
इन सभी की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है. माना जा रहा है कि डिजिटल चैट और डिवाइस से पैसे के लेनदेन और नेटवर्क के कई और नाम सामने आ सकते हैं. CBI अधिकारियों के मुताबिक, परीक्षा खत्म होने के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश भी की. आरोप है कि प्रश्नपत्र नष्ट किए गए और चैट डिलीट की गईं. इसके अलावा नोट्स हटाने की कोशिश और डिजिटल रिकॉर्ड साफ किए गए थे. हालांकि जांच एजेंसी ने कई इलेक्ट्रॉनिक डाटा रिकवर कर लिए हैं.
एनटीए से कोई नाम नहीं आया सामने
अभी तक किसी NTA अधिकारी का नाम सामने नहीं आया है, लेकिन इस मामले ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर पेपर सेट करने वाले विशेषज्ञ ही लीक में शामिल थे, तो परीक्षा की गोपनीयता कैसे सुरक्षित रहेगी. इसके अलावा यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या इतने बड़े नेटवर्क की जानकारी किसी और को नहीं थी.
लाखों छात्रों के भविष्य पर असर
NEET-UG देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा मानी जाती है. हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने के सपने के साथ यह परीक्षा देते हैं.ऐसे में पेपर लीक की खबर ने छात्रों और अभिभावकों में भारी गुस्सा पैदा कर दिया है. कई छात्र संगठनों ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है. अब सभी की नजर CBI की चार्जशीट और अदालत में पेश होने वाले सबूतों पर टिकी हुई है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं.
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