बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने साल 2026 में आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं का परीक्षा कैलेंडर जारी कर दिया है. सरकारी नौकरी के कैलेंडर के आते ही अभ्यर्थियों में नाराजगी पैदा हो गई है. बीपीएससी 2026 के नए सरकारी जॉब कैलेंडर में शिक्षक भर्ती परीक्षा का TRE-4 की डेट नदारद है. इसे लेकर अभ्यर्थियों ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा कर दिया है. कैलेंडर से TRE-4 का शेड्यूल ना होने की वजह से अभ्यर्थियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. अब अभ्यर्थियों के साथ मिलकर छात्र नेता खुशबू पाठक ने सरकार के खिलाफ एक बार फिर आंदोलन का आह्वान किया है. आइए जानते हैं कौन हैं भोजपुर की छात्र नेता खुशबू पाठक?
कौन हैं छात्र नेता खुशबू पाठक?
भोजपुर छात्र नेता खुशबू पाठक बिहार के बड़हरा प्रखंड के पिपरपांती गांव की रहने वाली हैं. साथ ही वह एक सोशल एक्टिविस्ट भी हैं. वह छात्रों के मुद्दे उठाने, भर्तियों में देरी होने और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता के खिलाफ आंदोलन करती रही हैं. वह दारोगा रिक्रूटमेंट आंदोलन में भी शामिल हुई थीं.
बता दें, बीपीएसी (BPSC) के परीक्षा कैलेंडर में 70वीं, 71वीं और 72वीं कंबाइंड कंपिटेटिव एक्जाम (CCE), न्यायिक सेवा, एपीओ, तकनीकी और प्रशासनिक पदों समेत 50 से अधिक भर्तियों की संभावित तारीख जारी की गई है, लेकिन इसमें शिक्षक भर्ती के TRE-4 कोई जिक्र नहीं है.
निर्दलीय सीट से लड़ा था बिहार चुनाव
खुशबू पाठक पाठक ने बीते साल 70वीं बीपीएससी शिक्षक भर्ती पेपर लीक कांड के खिलाफ सड़क पर उतरकर संघर्ष किया था. खुशबू ने बताया था कि उनके घरवालों ने उन्हें आंदोलन करने से मना किया था, लेकिन वह घरवालों के खिलाफ जाकर सरकार के सामने खड़ी हो गई थीं. आंदोलन के दौरान वह जेल भी गई थीं. वहीं, बीते साल बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में भी वह निर्दलीय सीट से खड़ी हुई थीं.
खुशबू का मानना है कि छात्रों की समस्या का समाधान राजनीति में उतरकर ही किया जा सकता है. इसलिए वह बिहार विधानसभा चुनाव में छात्रों के अधिकारों के लिए उतरी थीं. आंदोलन के दौरान खुबशू को सरकार ने भी खूब खदेड़ा था और उन्हें सलाखों के पीछे भी जाना पड़ा था.
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