Bihar Board Toppers 2026 : कहते हैं कि मजबूत इरादों के सामने प्रतिकूल परिस्थितियां भी हार मान जाती है. इसे साबित किया है बिहार के नवादा जिले के कवाकोल प्रखंड के नावाडीह गांव की होनहार छात्रा सपना कुमारी ने. बिहार इंटरमीडिएट (विज्ञान) परीक्षा में 479 अंक हासिल कर उन्होंने पूरे राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त किया है.
सपना की यह सफलता कोई इत्तेफाक नहीं है. इससे पहले मैट्रिक की परीक्षा में भी उन्होंने 483 अंक लाकर पूरे राज्य में छठा स्थान प्राप्त किया था. निरंतर मेहनत के दम पर उन्होंने इस बार अपनी रैंकिंग में और सुधार करते हुए प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है.
यह भी पढ़ें- मजदूरी कर पिता ने पढ़ाया, बेटी ने रचा इतिहास: बांका की नेहा कुमारी बनीं बिहार इंटरमीडिएट में 2nd Topper

सपना का परिवार साधारण जरूर है, लेकिन उनके सपनों की उड़ान बेहद ऊंची है. उनके पिता सुधीर चौरसिया गांव में एक छोटी सी राशन परचून की दुकान चलाते हैं और उसी आमदनी से पूरे परिवार का भरण-पोषण करते हुए बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाते हैं. नक्सल प्रभावित इलाके में रहने के बावजूद उन्होंने कभी शिक्षा से समझौता नहीं किया. उनकी गृहणी मां संजूला देवी ने भी हर कठिन परिस्थिति में उनका साथ दिया और बच्चों को हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.
परिवार में कुल पांच भाई-बहन हैं. सपना के बड़े भाई गौतम भारतीय नौसेना में देश सेवा कर रहे हैं, जो उनके लिए प्रेरणा का स्रोत हैं. वहीं छोटा भाई बीटेक की तैयारी में लगा है और बड़ी बहन बीए पार्ट-वन में पढ़ रहे हैं.

संसाधनों की कमी के बावजूद सपना ने कभी हिम्मत नहीं हारी और उच्च माध्यमिक विद्यालय,नावाडीह से अपनी पढ़ाई जारी रखी. सपना का ड्रीम बचपन से ही डॉक्टर बनने का है. वह अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों के मार्गदर्शन को देती हैं. सपना की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधन कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं होता, अगर हौसले बुलंद हों और मेहनत सच्ची हो तो सफलता कदम चूमती है. सपना की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर नावाडीह गांव सहित पूरे कौआकोल प्रखंड में जश्न का माहौल है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं